समुद्र के बीचों-बीच शिप में पकड़ी गई तस्करी की बड़ी खेप, भारतीय तटरक्षक बल ने नाकाम की साजिश; निकला ईरानी कनेक्शन
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने गुजरात के द्वारका तट के पास एक साहसिक ऑपरेशन में संदिग्ध ईरानी नाव 'अल मुख्तार' को बीच समुद्र में दबोचा है. इस नाव से लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की तस्करी की विदेशी सिगरेट बरामद की गई है और चालक दल के चार ईरानी सदस्यों को हिरासत में लिया गया है.
नई दिल्ली: भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में तैनात तटरक्षक बल (ICG) ने गुजरात के द्वारका तट से करीब 115 समुद्री मील दूर पश्चिम में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक गुप्त अभियान के दौरान, तटरक्षक बल ने भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर एक संदिग्ध विदेशी नाव 'अल मुख्तार' को इंटरसेप्ट किया. इस नाव की तलाशी लेने पर अधिकारियों के होश उड़ गए, जब वहां भारी मात्रा में तस्करी कर लाई जा रही विदेशी ब्रांड की सिगरेट बरामद हुई.
तटरक्षक बल के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पुख्ता खुफिया जानकारी और समुद्री निगरानी के आधार पर शुरू की गई थी. जब तटरक्षक बल का जहाज संदिग्ध नाव के करीब पहुंचा, तो पकड़े जाने के डर से नाव के चालक दल ने उसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) की ओर भगाने का प्रयास किया. हालांकि, भारतीय जांबाजों ने तत्परता दिखाते हुए नाव का पीछा किया और उसे सफलतापूर्वक रोक लिया. प्रारंभिक जांच में नाव पर सवार चालक दल के चार सदस्य ईरानी नागरिक पाए गए हैं.
करोड़ों का माल और तस्करी का तरीका
नाव की विस्तृत तलाशी के दौरान उसके भंडारण कक्षों (स्टोरेज कंपार्टमेंट्स) में बड़ी चतुराई से छिपाकर रखे गए तस्करी के सामान का पता चला. अधिकारियों ने बताया कि नाव से विदेशी ब्रांड की सिगरेट के लगभग 200 कार्टन बरामद किए गए हैं, जिनमें करीब एक लाख सिगरेट के पैकेट भरे हुए थे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त माल की अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है.
सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त जांच जारी
पकड़ी गई नाव और उसके चालक दल को हिरासत में लेकर पोरबंदर लाया गया है. यहां तटरक्षक बल, गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियां चालक दल से गहन पूछताछ कर रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि इस तस्करी के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हाथ हो सकता है, जिसकी कड़ियाँ खंगाली जा रही हैं. यह ऑपरेशन भारत की मजबूत समुद्री निगरानी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत हाल के वर्षों में गुजरात तट पर तस्करी के कई प्रयासों को विफल किया गया है.