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चीन की बड़ी कार्रवाई, दो महीने से लापता रक्षा मंत्री को भी पद से हटाया, शी जिनपिंग का किया था विरोध

चीन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने रक्षा मंत्री ली शांगफू को बर्खास्त कर दिया है. शांगफू पिछले दो महीनों से गायब थे.

Sagar Bhardwaj
Edited By: Sagar Bhardwaj
चीन की बड़ी कार्रवाई, दो महीने से लापता रक्षा मंत्री को भी पद से हटाया, शी जिनपिंग का किया था विरोध

China Removed Defense Minister: चीन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने रक्षा मंत्री ली शांगफू को बर्खास्त कर दिया है. शांगफू पिछले दो महीनों से गायब थे. पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग के बाद ली शांगफू गायब होने वाले चीन के दूसरे बड़े अधिकारी हैं. किन गैंग को भी जुलाई में बिना किसी स्पष्टीकरण के पद से हटा दिया गया था.

मार्च में किए गए कैबिनेट फेरबदल के बाद रक्षा मंत्री ने 29 अगस्त को अपना आखिरी भाषण दिया था, उसके बाद से उन्हें नहीं देखा गया है.

चीनी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि शांगफू को उनके पद से हटाए जाने को लेकर बीजिंग ने अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है. इसके अलावा नए रक्षा मंत्री का नाम भी घोषित नहीं किया गया है. उनको हटाए जाने के फैसले पर नेशनल पीपुल्स कांग्रेस स्टैंडिंग कमेटी ने मुहर लगाई.

कार्रवाई को लेकर जिनपिंग के करीबियों ने उठाए सवाल

राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल में अचानक से हटाए जाने वाले शांगफू दूसरे बड़े नेता हैं. दोनों नेताओं के गायब होने से चीन के विदेश या रक्षा नीति में बदलाव के कोई संकेत नहीं दिखते हैं. हालांकि इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबियों ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है.

दोनों ने जिनपिंग के सत्ता में बने रहने पर उठाए थे सवाल

दरअसल, इन दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के नेता जिनपिंग के सत्ता में बने रहने पर सवाल उठाए थे. रक्षा मंत्री को हटाए जाने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा फोरम के लिए पेंटागन प्रतिनिधिमंडल बीजिंग पहुंचने वाला है.

65 वर्षीय ली शांगफू पीपुल लिब्रेशन आर्मी (PLA) के पब्लिक फेस के अलावा पीएलए के सत्तारूढ़ निकाय केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य भी हैं. निकाय के भीतर शांगफू इस निकाय के अध्यक्ष शी जिनपिंग और उपाध्यक्ष झांग यूक्सिया और हे वेइदों से पीछे हैं.

PLA को 2024 तक  सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू बल बनाने का लक्ष्य

ली शांगफू रूस से हथियार खरीद की देखरेख मामले में अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं जो उन्हें देश में प्रवेश से रोकता है. चीन ने तभी से अमेरिकी सेना से संपर्क तोड़ दिया है. मुख्य रूप से चीन वाशिंगटन द्वारा ताइवान को हथियार सप्लाई करने से नाराज है. शी जिनपिंग ने 2049 तक पीएलए को विश्व का सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू बल बनाने का लक्ष्य रखा है.

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