नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के गिरफ्तार किए जाने के बाद दुनिया की बड़ी शक्तियों से खास अपील की है. उन्होंने दूसरे देशों के विकास के रास्ते को सम्मान करने का आह्वान किया है. चीन और वेनेजुएला एक अच्छे व्यापारिक रिश्ते साझा करते थे. चीन उसका सबसे बड़ा तेल खरीदार था. ऐसे में चीन के राष्ट्रपति का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना ज रहा है.
जिनपिंग ने कहा कि आज दुनिया में उतार-चढ़ाव चल रहा है, वह पिछले एक सदी में सबसे ज्यादा है. उन्होंने अमेरिका पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि एकतरफा और दादागिरी वाली कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर कर रही है.
चीनी राष्ट्रपति ने यह बयान आयरिश प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ एक बैठक के दौरान दिया है. उन्होंने कहा कि सभी देशों को दूसरे देशों के लोगों द्वारा स्वतंत्र रूप से चुने गए विकास के रास्तों का सम्मान करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करना चाहिए. खास कर बड़ी शक्तियों को ऐसा करने में आगे आने की जरूरत है.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वेनेजुएला को पूरा अधिकार है कि वह बाहरी दबाव के बिना दूसरे देशों के साथ आर्थिक सहयोग करे. इससे पहले भी चीन ने अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने का भी आह्वान किया था. जिसमें कहा गया था कि वह एक संप्रभु राज्य के खिलाफ अमेरिका द्वारा बल के खुलेआम इस्तेमाल से हैरान और वह इसकी कड़ी निंदा करता है. चीन की ओर से कहा गया था कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों के खिलाफ है.
मादुरो सरकार का पतन बीजिंग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. वेनेजुएला और चीन के बीच काफी समय से राजनीतिक संबंध अच्छे थे. पिछले दो दशक में उन दोनों ने कई राजनीतिक साझेदारी की है. दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग और लैटिन अमेरिका में पश्चिमी प्रभाव का विरोध भी किया है. इस दौरान वेनेजुएला पर कई सारे अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भी चीन उसका एक प्रमुख खरीदार बन गया. साथ ही वेनेजुएला को कई निवेश और ऋण भी दे चुका है. वहीं वेनेजुएला अपने तेल को चीन भेजता रहा है.