न्यूक्लियर चक्रव्यूह बना रहा चीन, सैटेलाइट इमेज ने खोली पोल; अमेरिका-जापान की बढ़ी टेंशन
चीन इस समय अपने परमाणु कार्यक्रम पर काफी तेजी से काम कर रहा है. इससे जुड़ी एक सैटेलाइट इमेज सामने आ रही है. जिससे पता चल रहा है कि चीन अपने परमाणु हथियार की सुरक्षा के लिए एक नया चक्रव्यूह तैयार कर रहा है.
दुनिया में जिस तेजी से तनाव बढ़ रहा है, सभी देश उसी तेजी के साथ खुद को मजबूत बनाने की कोशिश में है. खास तौर पर चीन अपनी परमाणु क्षमता को सबसे ज्यादा मजबूत करने पर जोर दे रहा है. इससे जुड़ा एक सैटेलाइट इमेज सामने आई है, जिसमें पता चल रहा है कि चीन अपने परमाणु कार्यक्रम को एक नया आकार दे रहा है.
चीन के बारे में दुनिया को केवल उतना ही पता है, जितना वह बताता हैं. लेकिन अब सामने आ रही है एक सैटेलाइट तस्वीर ने चीन में चल रहे परमाणु कार्यक्रम का भेद खोल दिया है. इस इमेज से पता चल रहा है कि चीन, शिनजियांग के रेगिस्तानी इलाके में अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए एक खास चक्रव्यूह तैयार कर रहा है, जिसे भेद पाना अमेरिका के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है.
दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु विस्तार कार्यक्रम
चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु विस्तार कार्यक्रम चला रहा है. सूत्रों के अनुसार, चीन लगभग 350 नए मिसाइल साइलो विकसित कर रहा है. इनमें से कई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के लिए हैं, जो 12,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक हमला करने में सक्षम हैं. जिसका मतलब यह है कि चीन से छोड़ी गई कोई भी मिसाइल आसानी से अमेरिका तक पहुंच सकती है.
सामने आ रही सैटेलाइट इमेजे से पता चल रहा है कि चीन के पूर्वी शिनजियांग प्रांत के रेगिस्तान में भारी निर्माण कार्य चलाया जा रहा है. यह इलाका कुछ महीने पहले तक पूरी तरह से सूनसान था, लेकिन अब यहां चीन अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. जानकारी के मुताबिक यहां नए लॉन्च पैड, बंकर और कम्युनिकेशन सिस्टम का विशाल नेटवर्क बनाया जा रहा है. इस मामले के जानकारों का मानना है कि चीन अपने परमाणु भंडार की सुरक्षा के लिए यह अनोखा इंतजाम कर रहा है.
चीन का चक्रव्यूह
चीन इस चक्रव्यूह की संरचना काफी खास तरीके से कर रहा है. मिल रही जानकारी के मुताबिक रेगिस्तान में तीन ऑक्टागन आकार के मिलिट्री बेस बनाए गए हैं, जो तीन लेयर सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं. पहली लेयर को मुख्य कमांड भवन बनाया गया है. जहां से पूरे परमाणु कार्यक्रम का नियंत्रण होगा. दूसरी लेयर बड़े घेरे में सैन्य कर्मियों और स्टाफ के रहने की व्यवस्था की गई है.
वहीं तीसरी लेयर को भारी सैन्य वाहनों, मोबाइल मिसाइल लॉन्चर और एयर डिफेंस सिस्टम को छिपाने के लिए बनाया जा रहा है. इसके अलावा 80 से ज्यादा नए कंक्रीट लॉन्च पैड और बंकरों का जाल बिछाया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था चीन को संदेश दे रही है कि यदि कोई भी देश उसके परमाणु ठिकानों को निशाना बनाता है तो वह अपनी रक्षा करने में सक्षम रहेगा. इस सैटेलाइटइमेज से टोक्यो और वॉशिंगटन में हलचल तेज हो गई है.