Bangladesh: जेल में बंद हिंदू पुजारी चिन्मय दास की फिर होगी गिरफ्तारी, चंटगाव कोर्ट ने दिया आदेश

Chattogram court issued arrest order to Bangladesh Hindu Monk Chinmoy Das: बांग्लादेश की चंटगाव कोर्ट ने बांग्लादेश के हिंदू पुजारी चिन्मय दास को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है.

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Gyanendra Tiwari

Chattogram court issued arrest order to Bangladesh Hindu Monk Chinmoy Das: बांग्लादेश के हिंदू पुजारी चिन्मय दास की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. चटगांव की एक अदालत ने उनके खिलाफ एक वकील की हत्या के मामले में गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है. यह घटना पिछले साल नवंबर में हुई थी, जब चटगांव कोर्ट के बाहर एक वकील की निर्मम हत्या कर दी गई थी. चिन्मय दास पहले से ही जेल में है. जेल में रहते हुए उनकी फिर से गिरफ्तारी होगी. चंटगाव कोर्ट ने एक वकील की हत्या से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है.

न्मय दास को पिछले साल 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था. उन पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित देशद्रोह का आरोप है. उनकी गिरफ्तारी के बाद देशभर में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए थे. इन प्रदर्शनों के दौरान चटगांव में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें सहायक सरकारी वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या कर दी गई थी.

कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी का आदेश

चटगांव के अतिरिक्त उपायुक्त मफीज उद्दीन ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद चिन्मय दास को वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या के मामले में गिरफ्तार दिखाया गया है. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एसएम अलाउद्दीन ने पुलिस की याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया. सरकारी वकील मुफीजुल हक भुइयां ने बताया कि पुलिस ने चिन्मय के खिलाफ चार मामलों में गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने केवल हत्या के मामले में याचिका को मंजूरी दी.

बेल मिलने के बाद भी रिहाई मुश्किल

पिछले हफ्ते बांग्लादेश हाई कोर्ट ने चिन्मय दास को जमानत देने का आदेश दिया था. लेकिन सरकार की अपील पर अपीलीय डिवीजन के जज जस्टिस रेजाउल हक ने इस फैसले पर रोक लगा दी. यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक अपील याचिका दायर नहीं हो जाती और फैसले का पूरा पाठ उपलब्ध नहीं हो जाता. 

सुनवाई में नहीं पहुंचे चिन्मय के वकील

चिन्मय के वकील अपूर्ब कुमार ने यह भी बताया कि चटगांव कोर्ट में सुनवाई के दौरान चिन्मय की ओर से कोई वकील मौजूद नहीं था. अभियोजन पक्ष ने एकतरफा सुनवाई कर यह फैसला हासिल किया. इससे चिन्मय दास के समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही है.