कार्गो शिप पर ड्रोन हमले के बाद एक्शन में इंडियन नेवी, अरब सागर में उतारे तीन Warships
लाइबेरिया के ध्वज वाले एमवी केम प्लूटो पर शनिवार का ड्रोन हमला हुआ था. 21 भारतीय और एक वियतनामी चालक दल के साथ लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज सोमवार दोपहर 3:30 बजे मुंबई पहुंचा.
Cargo ship MV Chem Pluto drone attack indian navy deployed warships: कार्गो शिप एमवी केम प्लूटो पर अरब सागर में ड्रोन अटैक के बाद भारतीय नौसेना एक्शन में आ गई है. सोमवार को एमवी केम प्लूटो के मुंबई बंदरगाह पहुंचने के बाद इंडियन नेवी ने जहाज की जांच पड़ताल की. इसके बाद ड्रोन अटैक के बाद जहाज यहां पहुंचा है. अब जांच पड़ताल की जाएगी कि ड्रोन से जहाज पर कहां से हमला किया गया? हमले के दौरान विस्फोटक की मात्रा कितनी थी? इंडियन नेवी के मुताबिक, अरब सागर में मालवाहक जहाजों की सुरक्षा के लिए तीन युद्धपोत तैनात कर दिए हैं. साथ ही लंबी दूरी वाले एक टोही विमान पी8आई को भी उतारा गया है.
इंडियन नेवी के मुताबिक, मालवाहक जहाजों की सुरक्षा के लिए अरब सागर में INS मोर्मुगाओ, INS कोच्चि और INS कोलकाता को तैनात किया गया है. बता दें कि तीन दिन पहले मैंगलोर आ रहे मालवाहक जहाज पर ड्रोन से अटैक किया गया था. अमेरिका का दावा था कि ये ईरान की ओर से भेजे गए ड्रोन से ये हमला किया गया था.
शनिवार को प्लूटो पर हुआ था हमला
इजराइल-हमास जंग के बीच अरब सागर और अदन की खाड़ी में ईरान समर्थित हौथी आतंकवादियों की ओर से मालवाहक जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें आई थीं. इस बीच लाइबेरिया के ध्वज वाले एमवी केम प्लूटो पर शनिवार का ड्रोन हमला हुआ था. 21 भारतीय और एक वियतनामी चालक दल के साथ लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज सोमवार दोपहर 3:30 बजे मुंबई पहुंचा.
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों की ओर से संयुक्त जांच शुरू की गई है. एमवी केम प्लूटो को मुंबई में उनके कंपनी प्रभारी की ओर से आगे के संचालन के लिए मंजूरी दे दी गई है. उन्होंने कहा कि एमवी केम प्लूटो के क्षतिग्रस्त वाले हिस्से की मरम्मत किए जाने की जरूरत है.
दो महीने में हूतियों ने कमर्शियल जहाजों पर किए 15 हमले
एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी लाल सागर में अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की ओर बढ़ रहे चार ड्रोनों को मार गिराया था, जो यमन के हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों से लॉन्च किए गए थे. सेंटकॉम ने अपने एक्स पर कहा है कि ये हमले 17 अक्टूबर के बाद से हूती आतंकवादियों की ओर से कमर्शियल शिपिंग पर 14वां और 15वां हमला था.
इसमें कहा गया है कि यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों से दक्षिणी लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में दो बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी थीं. उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों से किसी भी जहाज के प्रभावित होने की सूचना नहीं है.