'अगर आप मेज पर नहीं, तो आप मेन्यू में हैं', बदली वैश्विक व्यवस्था पर बोले कनाडा के PM मार्क कार्नी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ना केवल कनाडा बल्कि पूरी दुनिया को असहज करने वाला संदेश दिया.
नई दिल्ली: स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का आयोजन किया गया है. हालांकि इस मंच से इस बार वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा और असहज करने वाला संदेश सामने आया.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने भाषण में साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था का युग अब समाप्त हो चुका है. उनका यह आकलन न केवल तीखा था, बल्कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की गंभीरता को भी उजागर करता है.
निर्णायक बदलाव के बीच खड़ी दुनिया
कार्नी ने नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चली आ रही धारणाओं को खारिज करते हुए कहा कि अब वे मान्य नहीं रहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया किसी संक्रमण काल से नहीं गुजर रही, बल्कि एक बड़े और निर्णायक बदलाव के बीच खड़ी है. उनके शब्दों में पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आ रही और न ही उसके लौटने की उम्मीद में जीना व्यावहारिक है.
हालांकि कार्नी ने इस दौरान अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर अमेरिकी दबदबे की ओर था. उन्होंने कहा कि जिस आर्थिक एकीकरण को कभी साझा समृद्धि का माध्यम माना गया था, वही आज बड़ी शक्तियों के हाथों एक हथियार बन चुका है. टैरिफ, वित्तीय ढांचे और सप्लाई चेन को दबाव और जबरदस्ती के औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
विश्व व्यापार संगठन और संयुक्त राष्ट्र पर क्या कहें कार्नी?
प्रधानमंत्री कार्नी ने हाल के वर्षों में सामने आए वित्तीय, स्वास्थ्य, ऊर्जा और भू-राजनीतिक संकटों का हवाला देते हुए कहा कि गहरी वैश्विक निर्भरता अब खतरा बन चुकी है. जब ताकतवर देश अपने हितों के लिए नियमों को तोड़ते हैं या उन्हें अपने पक्ष में मोड़ते हैं, तब कमजोर और मध्यम देशों की स्थिति और भी नाज़ुक हो जाती है.
कार्नी के अनुसार, कनाडा जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह एक स्पष्ट चेतावनी है. केवल भूगोल या पुराने गठबंधन अब सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी नहीं दे सकते. उन्होंने कहा कि जब आर्थिक एकीकरण ही अधीनता का कारण बनने लगे, तब आपसी लाभ के भ्रम में रहना खतरनाक है. उन्होंने माना कि विश्व व्यापार संगठन और संयुक्त राष्ट्र जैसी बहुपक्षीय संस्थाएं कमजोर हुई हैं, जिससे देशों को अपने स्तर पर अधिक फैसले लेने पड़ रहे हैं. उनका चर्चित वाक्य 'अगर आप मेज पर नहीं हैं, तो आप मेन्यू में हैं' मौजूदा वैश्विक राजनीति की सच्चाई को बखूबी बयान करता है.
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