'पीएम मोदी को आमंत्रित करना चाहिए', बांग्लादेश में तारिक के शपथ ग्रहण से पहले BNP ने बढ़ाया वापस दोस्ती का हाथ!

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन ने 212 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत पाया है. तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने से पहले पार्टी ने पीएम मोदी को शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता भेजने की इच्छा जताई है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी ने दो दशक बाद सत्ता में वापसी की है. 12 फरवरी को हुए मतदान में पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया. अब तारिक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री होंगे. भारत के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए अब कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता और उम्मीदें दोनों काफी बढ़ गई हैं.

बीएनपी ने 209 सीटें जीतकर इतिहास रचा. गठबंधन की कुल सीटें 212 हो गई हैं. चुनाव आयोग ने 297 सीटों के परिणाम घोषित किए हैं. जमात-ए-इस्लामी गठबंधन ने 77 सीटें जीतीं. सांसदों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद नई कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया ढाका में अब काफी तेजी से आगे बढ़ रही है.

पीएम मोदी को न्योता!

बीएनपी नेता एहसानुल हक मिलन ने कहा कि पीएम मोदी को शपथ ग्रहण में बुलाना शिष्टाचार होगा. उन्हें उम्मीद है कि दक्षिण एशियाई नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा. पार्टी चाहती है कि पूरी दुनिया इस बदलाव में उनके साथ रहे. भारत को दिया जाने वाला यह न्योता दोनों देशों के बीच नई शुरुआत हो सकती है.

नई विदेश नीति का संकल्प

बीएनपी ने 'सभी से दोस्ती और किसी से दुश्मनी नहीं' का नारा दिया. यह संतुलन पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को सुधारने में मददगार होगा. भारत के साथ ऐतिहासिक जड़ों को मजबूती देने की बात भी कही गई. तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश अब वैश्विक मंच पर नई और सकारात्मक पहचान बनाने की कोशिश करेगा.

बंगभवन में शपथ ग्रहण समारोह 

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन अगले कुछ दिनों में नई सरकार को शपथ दिलाएंगे. कैबिनेट सचिव के अनुसार तैयारियां पूरी हैं. करीब 1,000 मेहमानों के बैठने का इंतजाम किया गया है. समारोह अगले तीन से चार दिनों के भीतर होगा. सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से सभी जरूरी प्रबंध अब पूरी तरह से सुनिश्चित कर लिए गए हैं.

भारत की ओर से बधाई 

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर शानदार जीत की बधाई दी. उन्होंने बांग्लादेश की प्रगति के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई. सोशल मीडिया पर मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने की इच्छा जताई. इस बातचीत ने भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग और विकास के नए द्वार पूरी तरह खोल दिए हैं.