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India Daily

'घुटने के बल बैठकर पाकिस्तानी सैनिक मांग रहे जान की भीख', BLA ने बंधकों का वीडियो किया जारी

BLA ने कथित तौर पर पकड़े गए पाकिस्तानी सैनिकों का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मदद की अपील की गई है. ग्रुप ने कैदियों की अदला-बदली की मांग की है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'घुटने के बल बैठकर पाकिस्तानी सैनिक मांग रहे जान की भीख', BLA ने बंधकों का वीडियो किया जारी
Courtesy: @javed_maslam x account video grap (Hakkal Media)

नई दिल्ली: पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम में लंबे समय से चल रहे विद्रोह के बीच अलगाववादी मिलिटेंट ग्रुप बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें कई पकड़े गए पाकिस्तानी सैनिक अपनी जान की भीख मांगते और अधिकारियों से मदद की अपील करते दिख रहे हैं. यह फुटेज BLA की मीडिया ब्रांच हक्कल मीडिया ने पब्लिश की है.

इसमें वर्दी पहने लोग ऊबड़-खाबड़ इलाके में घुटनों के बल बैठे हैं, मिलिट्री आइडेंटिफिकेशन कार्ड पकड़े हुए हैं और दावा कर रहे हैं कि उन्हें सर्विस नंबर दिए गए थे और पाकिस्तानी आर्मी ने उन्हें तैनात किया था. ये दावे सीधे तौर पर मिलिट्री के पहले के इनकार को चुनौती देते हैं कि उसका कोई भी कर्मचारी लापता है या मिलिटेंट की हिरासत में है.

BLA ने क्या किया दावा?

BLA के दावों के मुताबिक सैनिकों को ग्रुप के बताए 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के दौरान पकड़ा गया था, जो बलूचिस्तान में उसके विद्रोही कैंपेन का ही एक हिस्सा है, जहां अलगाववादी ग्रुप ने 2025 के बीच से सरकारी सेना और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं. 

नए वीडियो में क्या दिखाया गया?

नए वीडियो में पकड़े गए लोगों को अपनी मिलिट्री पहचान, यूनिट की जानकारी और नेशनल पहचान के डॉक्यूमेंट्स कन्फर्म करते हुए दिखाया गया है और उनमें से एक आदमी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पाकिस्तान के लिए लड़ने के बावजूद, आर्मी ने उन्हें 'छोड़ दिया' है. वीडियो में यह भी दिखता है कि पकड़े गए लोग सरकार और मिलिट्री लीडरशिप से अपनी रिहाई के लिए बातचीत करने की अपील कर रहे हैं.

BLA के हालिया बयानों से पता चलता है कि उसने अपने चल रहे ऑपरेशन के दौरान 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, कुछ को रिहा कर दिया है. कथित तौर पर लोकल बलूच लेवी और पुलिस जबकि कई रेगुलर आर्मी के लोगों को अपने पास रखा है. 

कैदियों की अदला-बदली की तय की डेडलाइन

ग्रुप ने कैदियों की अदला-बदली के लिए एक डेडलाइन तय की है, जिसमें मांग की गई है कि इस्लामाबाद अपने खुद के कहे जाने वाले 'बलूच नेशनल कोर्ट' के जरिए 'कोर्ट की सजा' देने से पहले, पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा पकड़े गए बलूच कैदियों को पकड़े गए सैनिकों से बदलने के लिए सहमत हो. 

पाकिस्तानी सरकार BLA को एक आतंकवादी संगठन मानती है और उसने मिलिटेंट ग्रुप्स के साथ बातचीत को बार-बार मना कर दिया है. हाल ही में जारी वीडियो और बंधक बनाए जाने की स्थिति बलूचिस्तान में सुरक्षा की अस्थिरता और इस इलाके में अलगाववादी विद्रोहियों से सरकारी अधिकारियों के लिए पैदा हो रही लगातार चुनौती, दोनों को दिखाती है.

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