बांग्लादेश ने भारत में वीजा सेवाओं पर लगाई रोक, क्यों यूनुस सरकार ने उठाया ये कदम?

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत में स्थित अपने प्रमुख मिशनों दिल्ली, कोलकाता और अगरतला में वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है.

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Ashutosh Rai

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक कड़वाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत में स्थित अपने प्रमुख मिशनों दिल्ली, कोलकाता और अगरतला में वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है. बांग्लादेश सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से ही तनाव चरम पर है.

सुरक्षा चिंताओं का दिया हवाला

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत में स्थित तीनों मिशनों को फिलहाल 'वीजा खंड' बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. हुसैन के मुताबिक, यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा कारणों से लिया गया है. गौरतलब है कि कोलकाता स्थित बांग्लादेश उप उच्चायोग ने अचानक रात में सेवाएं बंद कर दीं, जिसके बाद दिल्ली और अगरतला में भी ऐसा ही रुख अपनाया गया। हालांकि, व्यापार और कार्य वीजा को फिलहाल इस पाबंदी से बाहर रखा गया है.

वीजा विवाद का पुराना कनेक्शन

बता दें कि तनाव की यह आग नई नहीं है. इससे पहले, 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद, भारत ने भी सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को सीमित कर दिया था. अब बांग्लादेश की जवाबी कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच आवाजाही और आपसी विश्वास को और अधिक चोट पहुंचाई है. तौहीद हुसैन ने अमेरिका द्वारा लगाए गए वीजा बॉन्ड की आवश्यकता को भी बांग्लादेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक बताया है.

पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी?

इस कूटनीतिक विवाद के बीच एक और खबर ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. जब विदेश सलाहकार से पाकिस्तान से JF-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इनकार नहीं किया. हुसैन ने कहा, "बातचीत चल रही है, चीजें अंतिम रूप ले लेंगी तो सबको पता चल जाएगा." भारत के पड़ोस में बदलती यह सैन्य हलचल दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है.

आम जनता और संबंधों पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि वीजा सेवाओं के बंद होने से उन हजारों लोगों को भारी परेशानी होगी जो इलाज, पर्यटन या पढ़ाई के लिए सीमा पार करते हैं. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा पर भारत के कड़े विरोध और अब ढाका के इस वीजा दांव ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए निचले स्तर पर पहुंचा दिया है.