बांग्लादेश में बिजली संकट से हाहाकार, रात 8 बजे बंद होंगे बाजार; भारत से लगाई मदद की गुहार
बांग्लादेश में ईंधन और गैस की कमी से बिजली संकट गंभीर हो गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी कटौती के बीच सरकार ने बाजार जल्द बंद करने का फैसला किया और भारत से अतिरिक्त डीजल मांगा है.
बांग्लादेश इन दिनों गंभीर बिजली संकट से गुजर रहा है. कई ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से आम लोगों के साथ कारोबार, खेती और उद्योग भी प्रभावित हैं. बिजली की मांग करीब 18,000 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता 13,000 मेगावाट के आसपास बनी हुई है. गैस की कमी ने बिजली उत्पादन पर सीधा असर डाला है. हालात संभालने के लिए सरकार ने बाजार और दुकानों को रात आठ बजे तक बंद करने सहित कई ऊर्जा बचत उपाय लागू किए हैं.
गैस की कमी ने बढ़ाई बिजली कटौती
बांग्लादेश के बिजली क्षेत्र को रोजाना एक अरब घन फुट से अधिक गैस की जरूरत है, लेकिन फिलहाल करीब 70 करोड़ घन फुट ही उपलब्ध हो रही है. पिछले महीने एक एलएनजी टर्मिनल में आग लगने से आपूर्ति प्रभावित हुई. खराब मौसम के कारण कुछ एलएनजी जहाज भी समय पर गैस नहीं उतार सके. इसके चलते मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना जैसे क्षेत्रों में कटौती बढ़ी है.
बिजली केंद्रों की सुरक्षा बढ़ानी पड़ी
लंबी बिजली कटौती से परेशान लोगों के कुछ जगहों पर बिजली प्रतिष्ठानों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं. सैदपुर, नीलफामारी और कुश्तिया में तोड़फोड़ तथा आगजनी की खबरें मिली हैं. इसके बाद बिजली सहकारी समितियों ने ग्रिड, उपकेंद्र और कार्यालयों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनाती और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है. बकाया बिल वसूली के दौरान अधिकारियों को धमकियां मिलने की बात भी सामने आई है.
Also Read
किसान और उद्योग भी संकट में
बिजली की कमी का असर खेती, रेस्तरां और औद्योगिक उत्पादन पर पड़ रहा है. किसान महंगे डीजल जनरेटर चलाने को मजबूर हैं. झींगा पालन क्षेत्र में भी चिंता बढ़ी है, क्योंकि बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले उपकरण बंद हो जाते हैं. इससे झींगों के बीमार पड़ने का खतरा रहता है. बांग्लादेश का कपड़ा और परिधान उद्योग भी लगातार बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित होने की चुनौती झेल रहा है.
भारत से मांगा अतिरिक्त डीजल
बिजली बचाने के लिए सरकार ने शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात आठ बजे तक बंद करने का आदेश दिया है. व्यापार मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसी समय तक खत्म करने होंगे. सजावटी रोशनी और रोशन विज्ञापन पट्टियों पर भी रोक लगाई गई है. इस बीच बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल आपूर्ति मांगी है. भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के जरिए पहले से डीजल पहुंचाया जाता है, जिससे फिलहाल कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.