बलूचिस्तान की हैदराबाद से क्यों की जाती है तुलना? जानें फैक्ट्स?


Shanu Sharma
03 Feb 2026

बलूचिस्तान सिरदर्द

    पाकिस्तान के लिए अभी के समय में बलूचिस्तान सिरदर्द बन चुका है. BLA लड़ाकों द्वारा लगातार पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

इसके पीछे का कारण

    लेकिन क्या आपको पता है कि बलूचिस्तान को एक समय पर भारत का हैदराबाद भी कहा जाता है. लेकिन ऐसा क्यों इसके पीछे के कारण को समझना बेहद जरूरी है.

स्वतंत्र रहने की चाहत

    बंटवारे के वक्त कुछ प्रांत ऐसे थे, जो ना तो भारत का हिस्सा बनना चाहते थे और ना ही पाकिस्तान का, वह स्वतंत्र रहना चाहते थे.

दो नाम फेमस

    उन नामों में दो नाम फेमस है. पहला नाम भारत के हैदराबाद का है और दूसरा पाकिस्तान की कलात सियासत जो आज बलूचिस्तान है.

निजाम उस्मान अली खान

    हैदाराबद के निजाम उस्मान अली खान भी भारत में शामिल होने से इनकार किया था. उन्होंने स्वतंत्र रहने की कोशिश की, लेकिन बाद वह मान गए.

अहमद यार खान

    वहीं कलता सियासत के खान मीर अहमद यार खान ने भी पाकिस्तान में शामिल होने से मना कर दिया था. हालांकि पाकिस्तान उसको अपना हिस्सा मानती है.

कलात की स्वतंत्रता

    जिन्ना ने शुरू में कलात की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी , लेकिन मार्च 1948 में पाकिस्तानी सेना ने हमला कर दिया, जिसके बाद दबाव में एक्सेशन इंस्ट्रूमेंट पर हस्ताक्षर करने पड़े. बलूच नेता इसे जबरन कब्जा मानते हैं.

ऑपरेशन पोलो

    इसी तरह भारत ने सितंबर 1948 में ऑपरेशन पोलो चलाया और हैदराबाद को अपने में मिला लिया. दोनों मामलों में सैन्य ताकत ने फैसला किया, समझौते नहीं.

अभी भी आजादी की मांग

    हालांकि आजादी के कई साल बाद भी बलूचिस्तान अभी भी खुद को अलग बताता है. वहीं हैदराबाद अब पूरी तरह से भारत का हिस्सा बन चुका है.

More Stories