बाली जाएं लेकिन संभलकर! पर्यटकों को कुत्ते का मांस खाने को किया मजबूर, 56kg मीट बरामद
अगर आप बाली जाने का प्रोग्राम बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए. यहां ऑस्ट्रेलियाई टूरिस्ट्स को कुत्ते का मांस खाने के लिए मजबूर करने का मामला सामने आया है. जानकारी के बाद अधिकारियों ने पर्यटकों को कुत्ते के मांस से बनी कबाब खाने के लिए मजबूर करने के बाद दुकानदारों पर कार्रवाई की है. बाली में कुत्ते के मांस पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. कार्रवाई के दौरान अलग-अलग दुकानों से 56 किलोग्राम कुत्ते का मांस बरामद किया गया है.
बाली में ऑस्ट्रेलिया के पर्यटकों को कुत्ते का मांस परोसे जाने और जबरन खिलाए जाने का मामला सामने आया है. मामले की जानकारी के बाद कुत्ते का मांस बेचने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है. एक जांच के बाद पता चला कि ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों को इंडोनेशियाई द्वीप पर छुट्टियां मनाने के दौरान कुत्ते का मांस खाने के लिए मजबूर किया जा रहा था. पशु क्रूरता के खिलाफ वकालत करने वाले एक गैर सरकारी संगठन एनिमल्स इंटरनेशनल की ओर से हाल ही में की गई जांच में ये जानकारी सामने आई.
इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, कुत्ते के मांस के कारोबार पर बाली में प्रतिबंध है. इसके बावजूद, गुरुवार को 56 किलोग्राम कुत्ते का कच्चा मांस बरामद किया गया. बाली के जेम्ब्राना में अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान कम से कम 500 कुत्ते के मांस की सीक कबाब और 56 किलोग्राम कुत्ते का कच्चा मांस जब्त किया.
कुत्ते का मांस बेचने वालों पर क्या कार्रवाई?
बाली के पब्लिक ऑर्डर एजेंसी के चीफ देवा न्योमन राय धर्मादी ने कहा कि बार-बार अपराध करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो प्रतिबंध के बारे में जानते थे, फिर भी उन्होंने अपना व्यापार जारी रखा. उन्होंने कहा कि जो भी कुत्ते के मांस बेचने पर प्रतिबंध की जानकारी से अनजान थे, उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.
उन्होंने कहा कि हम अचानक कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे, लेकिन हम उन्हें प्रतिबंध के बारे में जानने और ये जानने का मौका दे रहे हैं कि इसे क्यों प्रतिबंधित किया गया है. उन्होंने कहा कि कुत्ते का मांस बेचने और खाने की अनुमति नहीं है. इसे खाने से बीमारी भी फैल सकती है. इस अंधविश्वास पर विश्वास न करें कि कुत्ते का मांस हेल्दी होता है.
तीन महीने तक जेल या 2300 यूरो तक जुर्माना
बाली में कुत्ते के मांस के व्यापार पर सख्त प्रतिबंध लागू है, जिसमें उल्लंघन करने वालों के लिए तीन महीने तक की जेल या 50 मिलियन रुपिया (2300 यूरो) तक का जुर्माना है. दरअसल, कुत्ते के मांस के कारोबारी की जानकारी सबसे पहले 2016 में सामने आई थी, जिसके बाद से इसकी बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगी. बाली में कुत्ते के मांस पर प्रतिबंध लागू किया गया है, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है.
दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले मुस्लिम बहुल देश के रूप में, इंडोनेशिया आमतौर पर इस्लामी आहार कानूनों के अनुसार कुत्ते के मांस को हराम मानता है. फिर भी, मीट फ्री इंडोनेशिया के आंकड़ों के आधार पर ये जानकारी सामने आई है. कि लगभग सात प्रतिशत इंडोनेशियाई कुत्ते और बिल्ली का मांस खाते हैं.