सावधान! एक बार फिर से बढ़ने वाले हैं पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम? NATO में ट्रंप ने किया शांति समझौता तोड़ने का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो समिट के दौरान ईरान के साथ युद्धविराम समझौता खत्म होने का ऐलान किया है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव बढ़ने पर भारत में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी हो सकती हैं.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग पिछले पांच महीने से चल रहे संघर्ष ने पूरी दुनिया को असमंजस में डाल दिया है. हाल में हुआ समझौता भी अब लगभग टूटने के कगार पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को नाटो समिट के दौरान हैरान कर देने वाली घोषणा की.

तुर्किये की राजधानी अंकारा में चल रहे इस समिट के दौरान ट्रंप ने घोषणा करते हुए कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम समझौता अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है. अब आगे कोई डील नहीं होगी. हालांकि, ईरान की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ट्रंप की इस घोषणा का असर तेल-गैस की कीमतों पर दिखना शुरू हो गया. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या भारत में एक बार फिर से तेल-गैस के दाम बढ़ने वाले हैं?

ट्रंप के ऐलान का दिखने लगा असर

राष्ट्रपति ट्रंप के इस ऐलान के साथ ही तेल बाजार पर सीधा असर देखने को मिला. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में भारी उछाल दिखा. जानकारी के मुताबिक क्रूड ऑयल 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम 74 डॉलर तक पहुंच गए.


इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव नहीं थमता तो इस बार दाम और भी ज्यादा तेजी से बढ़ेंगे और तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगी. ऐसे में एक बार फिर से भारत के लिए मुसीबत बढ़ सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत तेल दूसरे देशों से आयात करता है. जिसका मतलब है उस तेल को खरीदने के लिए भारत को ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने से भी भारत को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

भारतीय शेयर बाजार पर भी असर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर से प्रभावित होता है तो न केवल तेल बल्कि सीएनजी और रोजमर्रा के सामान भी महंगे हो सकते हैं. एक बार फिर से गैस के लिए मारामारी बढ़ सकती है और पेट्रोल 10 से 15 रुपये तक महंगा हो सकता है. ट्रंप के इस ऐलान का असर न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी दिखा है. सेंसेक्स में 1,600 अंकों से भी ज्यादा की गिरावट देखी गई. इसके अलावा, रुपये में अगर ज्यादा गिरावट आती है और डॉलर और मजबूत होता है, तो विदेश से आने वाली चीजें भी महंगी हो जाएंगी. जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा. अगर दोनों देशों के बीच तनाव ज्यादा दिनों तक चलता है तो खाने-पीने से लेकर पानी और अन्य जरूरत के सामान भी महंगे हो जाएंगे.