'हमें दिए गए गलत शव', अहमदाबाद प्लेन हादसे में मारे गए ब्रिटेन के नागरिकों के परिवारों के दावे से मची सनसनी
एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों का दिल दहलाने वाला आरोप सामने आया है. परिवारों का कहना है कि उन्हें गलत शव वापस किए गए हैं. UK से आई खबरों में दावा किया गया है कि कम से कम दो मामलों में शव वो नहीं थे जिन्हें उनके परिवारों ने पहचाना था, जिससे शोकाकुल परिवारों में घबराहट और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है.
Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों का दिल दहलाने वाला आरोप सामने आया है. परिवारों का कहना है कि उन्हें गलत शव वापस किए गए हैं. UK से आई खबरों में दावा किया गया है कि कम से कम दो मामलों में शव वो नहीं थे जिन्हें उनके परिवारों ने पहचाना था, जिससे शोकाकुल परिवारों में घबराहट और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है.
एक ब्रिटिश परिवार ने तो अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार को रद्द कर दिया जब उन्होंने पाया कि कफिन में शव किसी अज्ञात यात्री का था. दूसरे मामले में, एक ही कफिन में कई शवों को मिलाकर रखा गया था, जिसके लिए फोरेंसिक sorting की जरूरत पड़ी, ताकि अंतिम संस्कार हो सके.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश हादसा
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 का क्रैश हुआ था, जिसमें कुल 261 यात्री सवार थे, जिनमें से 52 ब्रिटिश नागरिक थे. अब यह खुलासा होने पर कि कम से कम दो शवों की पहचान गलत हो सकती है या वे आपस में मिल गए थे, परिवारों में और भी अधिक चिंता और गुस्सा बढ़ गया है.
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यह गलती तब सामने आई जब मृतकों के डीएनए को परिवारों से मिलाने की प्रक्रिया में यह भिन्नता पाई गई. वेस्ट लंदन की कोरोनर डॉ. फियोना विलकॉक्स ने इस गड़बड़ी को पहचानते हुए अधिकारियों को सूचित किया. अगर उन्होंने यह कदम न उठाया होता, तो यह गड़बड़ी शायद अज्ञात ही रहती.
'कई परिवार इस बात से...'
एविएशन लॉयर जेम्स हीली-प्रैट ने मीडिया से कहा, 'कई परिवार इस बात से गहरे आहत हैं, क्योंकि उनके पास गलत शव हैं और यह मामला कुछ हफ्तों से चल रहा है. इन परिवारों को एक सही और साफ-साफ जवाब मिलना चाहिए.' ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अगले हफ्ते भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूके में मुलाकात के दौरान इस मामले को उठाने की योजना बना रहे हैं. अगर ऐसे और मामले सामने आए तो यह एक संवेदनशील कूटनीतिक मुद्दा बन सकता है.