अबू धाबी में हवाई हमला नाकाम, मलबे की चपेट में आने से 5 भारतीय समेत 12 घायल
संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में शुक्रवार को एक प्रोजेक्टाइल रोके जाने के बाद गिरे मलबे से पांच भारतीयों और सात नेपाली नागरिकों समेत 12 लोग घायल हो गए. इनमें एक नेपाली नागरिक की हालत गंभीर है.
नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अबू धाबी में एक बार फिर हवाई हमले का साया मंडराया है. स्थानीय वायु रक्षा प्रणालियों ने एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया, लेकिन उसके मलबे ने जमीन पर जानमाल का नुकसान कर दिया. अजबां इलाके में गिरे इस मलबे की चपेट में आने से कई प्रवासी कामगार घायल हुए हैं. यह घटना ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा मानी जा रही है, जिससे प्रवासियों में भारी असुरक्षा और भय व्याप्त है.
अबू धाबी के मीडिया कार्यालय के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को शहर के अजबां क्षेत्र में हुई. जब स्थानीय वायु रक्षा प्रणाली ने संदिग्ध प्रोजेक्टाइल को बीच रास्ते में ही सफलतापूर्वक नष्ट किया, तो उसका जलता हुआ मलबा सीधे जमीन पर आ गिरा. मलबे के गिरने के कुछ घंटों बाद पास के ही एक गैस केंद्र में भीषण आग लगने की खबर मिली. अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यह आग सीधे तौर पर हवाई रक्षा अभियान के दौरान गिरे टुकड़ों के कारण लगी थी.
घायलों में भारतीय और नेपाली नागरिक शामिल
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुल 12 विदेशी कामगार घायल हुए हैं. इनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिन्हें गनीमत रही कि केवल मामूली चोटें आई हैं. सरकार के अनुसार, शेष सात घायल नेपाली मूल के हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में से एक नेपाली नागरिक की स्थिति काफी चिंताजनक और गंभीर बनी हुई है. बाकी छह नेपालियों को मामूली से मध्यम दर्जे की चोटें आई हैं. फिलहाल सभी का स्थानीय अस्पताल में उपचार किया जा रहा है और संबंधित दूतावास उनके संपर्क में हैं.
ईरान और क्षेत्रीय शक्तियों का संघर्ष
हालांकि अधिकारियों ने इस हवाई खतरे की सटीक प्रकृति और उत्पत्ति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह हमला ईरान और अमेरिका-इजरायल के संयुक्त मोर्चे के बीच चल रहे युद्ध का परिणाम है. ईरान लगातार खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बना रहा है. पिछले कुछ महीनों में यूएई के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण ठिकानों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइलों द्वारा हमले की कोशिशें बढ़ी हैं. यह ताजा घटना इसी खतरनाक सिलसिले की एक और कड़ी मानी जा रही है.
पूर्व की घटनाओं से बढ़ी चिंता
यह पहली बार नहीं है जब अबू धाबी में हवाई बचाव अभियान के दौरान गिरा मलबा जानलेवा साबित हुआ है. इससे पहले 26 मार्च को भी एक सफल मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे ने स्वेहान स्ट्रीट पर भारी तबाही मचाई थी. उस समय दो लोगों की जान चली गई थी, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था. बार-बार हो रही इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में रोजी-रोटी के लिए रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.
ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर संकट
मध्य पूर्व में जारी महाजंग के बीच यूएई की तेल रिफाइनरी और गैस सुविधाएं प्रमुख लक्ष्यों के रूप में उभरी हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भी स्पष्ट किया है कि अमेरिकी हितों या सहयोगी देशों के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल, अजबां की घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और भविष्य के संभावित खतरों को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है.