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इजरायल हमास युद्ध के बीच आया एक नया मोड़, फिलिस्तीनियों की जगह लेंगे 1 Lakh भारतीय श्रमिक

इजरायल हमास जंग के बीच इजरायली बिल्डर्स एसोशिएशन ने कहा कि वे भारत से श्रमिकों को बुलाना चाहते है इस पर भारत के साथ बातचीत चल रही हैं.

Antriksh Singh
Edited By: Antriksh Singh
इजरायल हमास युद्ध के बीच आया एक नया मोड़, फिलिस्तीनियों की जगह लेंगे 1 Lakh भारतीय श्रमिक

इजरायल हमास युद्ध  चलते हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है. लेकिन अभी भी दोनों पक्षों की तरफ से बमबारी जारी है, जो थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच इजरायल के बिल्डर्स एसोशिएशन ने कहा कि वे भारत से श्रमिकों को बुलाना चाहते है इस पर भारत के साथ बातचीत चल रही हैं. इस अनुरोध को मंजूरी देने के लिए इज़रायली सरकार के फैसले का भी इंतजार कर रहे हैं.

फिलिस्तीनियों के स्थान पर भारतीय करेंगे काम

इजरायली निर्माण उद्योग ने कथित तौर पर सरकार से कंपनियों को 90,000 फिलिस्तीनियों के स्थान पर 1 लाख भारतीय श्रमिकों की भर्ती करने की अनुमती देने के लिए कहा है. इन फिलिस्तीनियों के कार्य परमिट युद्ध की शरुआत के बाद से रद्द कर दिए गए हैं.

इजरायल  युद्धग्रस्त क्षेत्र को फिर से सामान्य करने की कोशिश

वेस्ट बैंक की वॉयस ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल बिल्डर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैम फीग्लिन ने कहा है कि हम इजरायल के युद्धग्रस्त क्षेत्र को फिर से सामान्य स्थिति में लाने के लिए  भारत से 50,000 से 1,00000 श्रमिकों को  बुलाएंगें.
इसको लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

फिलिस्तीनियों को इजरायल में काम करने की अनुमति नहीं

इजरायली निर्माण उद्योग में फिलिस्तीनी कर्मचारियों  की संख्या लगभग 25 प्रतिशत है. लेकिन इस युद्ध के बाद से वे लोग काम पर नहीं आ रहे हैं क्योंकि उनको इजरायल में काम करने की अनुमती नहीं है

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मई 2023 में हुआ समझैता

इजरायल के विदेश मंत्री एली कोहेन मई 2023 में भारत की यात्रा पर आए थे. तभी इस  समझौते पर बात की गई थी. जिसमें 42,000 भारतीयों को इजरायल में काम करने की अनुमति दी गई थी.
7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हमास के क्रूर हमले के बाद से इजरायली रास्ते बंद कर दिए गए थे जहां से फिलिस्तीनी श्रमिक कार्य करने के लिए आते थे. लेकिन युद्ध के बाद से सब बंद हो गया है. इजरायली सरकार अगर अनुमति दे तो स्थिति पहले जैसी हो सकती है.