1,827 संक्रमित, 672 मौतें, कांगो में इबोला का कहर; क्या फिर से वायरस की चपेट में आएगी दुनिया?
इबोला वायरस ने डीआरसी में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. 1,873 संक्रमित और 672 मौतों के बीच स्वास्थ्यकर्मी भी चपेट में हैं, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है.
अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. अब तक संक्रमण के 1,873 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 672 लोगों की मौत हो चुकी है. तेजी से बढ़ते मामलों ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह कई क्षेत्रों के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है.
पांच प्रांतों में फैला संक्रमण
स्वास्थ्य अधिकारियों की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इबोला संक्रमण इटुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, हाउत-उएले और त्शोपो प्रांतों तक फैल चुका है. हाउत-उएले और त्शोपो को पहली बार राष्ट्रीय स्थिति रिपोर्ट में शामिल किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में मिले नए मामले इटुरी से लोगों की आवाजाही और आपसी संपर्क के कारण सामने आए हैं.
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
वर्तमान में 763 संक्रमित मरीज अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में भर्ती हैं. उपचार केंद्रों की क्षमता लगभग पूरी तरह भर चुकी है और उपलब्ध 95.1 प्रतिशत बेड पर मरीज भर्ती हैं. राहत की बात यह है कि अब तक 306 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, लेकिन 299 संदिग्ध मामलों में से 91 लोगों की मौत ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है.
Also Read
स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमण की चपेट में
इबोला नियंत्रण अभियान के दौरान एक अमेरिकी मानवीय सहायता कर्मी के संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े हो गए हैं. अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने संक्रमित व्यक्ति के संपर्कों की पहचान, महामारी संबंधी जांच और संक्रमण के स्रोत का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल संक्रमण का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है.
क्या है इबोला वायरस?
अफ्रीकी संघ की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक इस प्रकोप के दौरान अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए हैं, जबकि 35 की मौत हो चुकी है. इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलती है. तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव इसके प्रमुख लक्षण हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान, आइसोलेशन और संपर्कों की निगरानी ही संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है.