कौन हैं कृष्णा शेषाद्री? जिनका पीएम मोदी ने 'मन की बात' में खुद लिया इंटरव्यू और की तारीफ
मुंबई के कृष्णा शेषाद्री ने BharatRajya.com वेबसाइट बनाई है, जिसके जरिए किसी भी वर्ष को चुनकर उस समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में शासन करने वाले राजवंशों की जानकारी हासिल की जा सकती है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 137वें एपिसोड में मुंबई के कृष्णा शेषाद्री से बातचीत की. कृष्णा शेषाद्री ने भारतीय इतिहास को आसान और रोचक तरीके से समझाने के लिए BharatRajya.com नाम की वेबसाइट तैयार की है. प्रधानमंत्री मोदी ने उनके इस प्रयास की सराहना की और फोन पर हुई बातचीत का हिस्सा 'मन की बात' में साझा किया.
मुंबई के कृष्णा शेषाद्री ने भारतीय इतिहास को एक अलग नजरिए से समझने के लिए वेबसाइट तैयार की है. इस वेबसाइट पर यूजर किसी भी वर्ष को चुन सकता है. इसके बाद उस समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में शासन करने वाले राजवंशों और शासकों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है.
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इस पहल का क्या है उद्देश्य?
इस पहल का उद्देश्य इतिहास को केवल तारीखों और युद्धों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों और राजवंशों के संदर्भ में समझाना है. पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रयास इतिहास के विद्यार्थियों के साथ आम लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकता है.
पीएम मोदी ने कृष्णा से क्या बात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कृष्णा ने सोशल मीडिया पर अपने इतिहास से जुड़े प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी साझा की थी. उनका यह विचार प्रधानमंत्री को दिलचस्प लगा. इसके बाद पीएम मोदी ने कृष्णा से फोन पर बातचीत की और वेबसाइट तैयार करने के पीछे के विचार के बारे में जानकारी ली.
शुरुआत में कृष्णा प्रधानमंत्री से बात करते हुए थोड़े घबराए हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने सहज होकर उनके सवालों के जवाब दिए. बातचीत के दौरान वेबसाइट के उद्देश्य और भारतीय इतिहास को प्रस्तुत करने के तरीके पर चर्चा हुई.
इतिहास को लेकर क्या सोचते हैं कृष्णा?
कृष्णा शेषाद्री का मानना है कि स्कूल और कॉलेज में भारतीय इतिहास को कई बार किसी एक साम्राज्य या राज्य के नजरिए से पढ़ाया जाता है. इसके कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में शासन करने वाले कई महत्वपूर्ण राजवंशों के बारे में आम लोगों को कम जानकारी मिल पाती है.
उन्होंने चोल, पल्लव, कश्मीर के करकोटा वंश और असम के अहोम साम्राज्य जैसे राजवंशों का उदाहरण दिया. उनके मुताबिक, इन राजवंशों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को लंबे समय तक कायम रखा, लेकिन इनके इतिहास को लेकर आम लोगों के बीच जानकारी सीमित है.
वेबसाइट पर कैसे समझ सकते हैं इतिहास?
BharatRajya.com की खासियत इसका टाइमलाइन आधारित तरीका है. यूजर किसी विशेष वर्ष को चुनकर उस समय भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति और वहां शासन करने वाले राजवंशों के बारे में जानकारी देख सकता है.
इससे एक ही समय में भारत के अलग-अलग हिस्सों में क्या हो रहा था, इसे समझना आसान हो जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इतिहास को इस तरह सरल और दिलचस्प बनाने के प्रयास की तारीफ की.
कृष्णा शेषाद्री की यह पहल दिखाती है कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके इतिहास को नई पीढ़ी के लिए ज्यादा रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाया जा सकता है.