कौन हैं प्रोफेसर से जैश में भर्ती करने वाली डॉ. शाहीन? जानें कैसे बनी डॉक्टर से आतंकी मॉड्यूल की मास्टरमाइंड
लखनऊ की पूर्व मेडिकल प्रोफेसर डॉ. शाहीन शाहिद को जयश-ए-मोहम्मद की महिला विंग से जुड़ी आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यूपी एटीएस ने उनके घर से कई सबूत जब्त किए हैं. अब मामला एनआईए के पास है.
नई दिल्ली: लखनऊ की पूर्व मेडिकल कॉलेज लेक्चरर डॉ. शाहीन शाहिद अब आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोपों में गिरफ्तार की गई हैं. उन्हें पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला शाखा के भारतीय नेटवर्क की प्रमुख बताया जा रहा है. डॉ. शाहीन को हाल ही में फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि वह संगठन की नई महिला शाखा 'जमात-उल-मोमिनीन' के लिए भारत में भर्ती और संचालन का काम संभाल रही थीं.
प्रारंभिक जांच के अनुसार, शाहीन को जेएम के संस्थापक मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर ने भारत में महिला विंग संभालने का निर्देश दिया था. सादिया के पति यूसुफ अजहर 1999 के कंधार हाईजैकिंग का मास्टरमाइंड था, जिसे इस साल बहावलपुर में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारा गया. माना जा रहा है कि शाहीन सोशल मीडिया के गुप्त चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क में थीं.
कैसे हुई गिरफ्तारी?
डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े अन्य डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद हुई. ये सभी उस इंटर-स्टेट टेरर नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं जिसका खुलासा दिल्ली रेड फोर्ट कार ब्लास्ट के बाद हुआ था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, यह कड़ी अक्टूबर में शुरू हुई जब श्रीनगर में जयश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे मिले. गिरफ्तारी की कड़ी बढ़ती गई और फरीदाबाद से मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक और एक एके-47 बरामद हुई. पूछताछ में शाहीन का नाम सामने आया और 11 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
क्या-क्या हुआ जब्त?
गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार को लखनऊ के लालबाग स्थित उनके घर पर छापा मारा. इस दौरान मोबाइल, हार्ड डिस्क और कई दस्तावेज जब्त किए गए. उनके भाई डॉ. परवेज अंसारी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. शाहीन के पिता सैयद अहमद अंसारी ने मीडिया से कहा कि उन्हें बेटी की किसी आतंकी गतिविधि की जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि शाहीन से उनकी आखिरी बात करीब एक महीने पहले हुई थी.
क्यों हो गयी अचानक गायब?
रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहीन ने 2006 में यूपीपीएससी के जरिए कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन किया था और बाद में कन्नौज मेडिकल कॉलेज में भी पढ़ाया. 2013 में वह बिना अनुमति के अवकाश पर चली गईं और 2021 में सेवा से बर्खास्त कर दी गईं. कॉलेज अधिकारियों ने बताया कि वह पढ़ाई में गंभीर और शांत स्वभाव की थीं.
जांच एजेंसियों ने क्या बताया?
जांच एजेंसियों ने बताया कि शाहीन की शादी महाराष्ट्र के जफर हयात से हुई थी, लेकिन 2015 में तलाक हो गया. इसके बाद वह फरीदाबाद शिफ्ट हो गईं, जहां उनकी मुलाकात डॉ. मुजम्मिल और अन्य लोगों से हुई. उनकी कार से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं. अब यह केस एनआईए को सौंप दिया गया है, जो उनके संपर्कों, शैक्षणिक रिकॉर्ड और डिजिटल डाटा की जांच कर रही है.
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