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कौन हैं 3 बार के विधायक, कॉलेज ड्रॉप आउट दिनेश सिंह जिन्होंने काटा सनी देओल का टिकट, क्या मार पाएंगे चौका?

Who is Dinesh Singh Babbu: भारतीय जनता पार्टी ने गुरदासपुर से सनी देओल का टिकट काट कर इस बार अपने नेता पर चुनावी मैदान में उतारा है. यह 26 में पहली दफा है जब पार्टी ने किसी सेलिब्रिटी के बजाय नेता को गुरदासपुर से चुनावी मैदान में उतारा है.

Gyanendra Tiwari

Who is Dinesh Singh Babbu: दिनेश सिंह बब्बू. ये नाम इस समय पंजाब में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, बीजेपी ने इन्हें पंजाब की गुरदासपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा है. यहीं से पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सनी देओल को उतारा था. अब उनका पत्ता काट पार्टी ने 26 साल के इतिहास को बदल दिया है. 26 साल के इतिहास में ये पहली दफा है जब बीजेपी इस सीट से किसी राजनेता को चुनावी मैदान में उतार रही है.

दिनेश सिंह बब्बू पंजाब के पठानकोट जिले के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से 3 बार विधायक रह चुके हैं. अब पार्टी ने उन्हें दिल्ली बुलाने के लिए गुरदासपुर से उतारा है.

कॉलेज ड्रॉप आउट हैं दिनेश सिंह 

बब्बू पठानकोट जिले के मनवाल गांव के रहने वाले हैं. विद्यार्थी जीवन में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य रहे हैं. 1995 में बीजेपी के साथ जुड़कर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बीए कर रहे दिनेश सिंह दूसरे ही वर्ष में कॉलेज से ड्रॉप आउट हो गए थे.

3 बार रह चुके हैं विधायक

जाति से राजपूत होने के चलते उनके क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत है. 13 लाख वोटरों में से सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख राजपूत हैं. उन्होंने सुजानपुर से 2007, 2012, और 2017 में विधानसभा का चुनाव जीता. लेकिन 2022 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के नरेश पुरी ने हरा दिया था. वह 2012-17 के बीच पंजाब सरकार के विधानसभा के उपसभापति भी रहे हैं

विनोद खन्ना पर बीजेपी ने आजमाया था हाथ

1998 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पहली दफा बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना को गुरदासपुर से चुनावी मैदान में उतारा था. उन्होंने चुनाव जीता. इसके बाद 1999 और 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी की ओर से जीत हासिल की. लेकन 2009 में कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने बाजी मार ली. हालांकि, 2014 में फिर से विनोद खन्ना ने इस सीट को फिर से जीत लिया.

उपचुनाव में हारी थी बीजेपी

27 अप्रैल 2017 को विनोद खन्ना की कैंसर के चलते मौत हो गई थी. इसके बाद गुरदासपुर में उपचुनाव कराए गए. उपचुनाव में कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट सुनील जाखड़ ने बीजेपी के स्वर्ण सलारिया को हरा दिया था. 2019 में बीजेपी के सनी देओल ने सुनील जाखड़ को हराकर जीत हासिल की थी. बाद में जाखड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे.

5 साल में एक भी नहीं गए सनी देओल

गुरदासपुर से चुनाव जीतने के बाद सांसद सनी देओल पांच सालों में एक भी बार अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा नहीं किया. वहां के लोगों ने सांसद के लापता होने के पोस्टर भी लगाए थे. इसी कारण से बीजेपी ने इस बार सनी देओल पर दांव लगाना उचित नहीं समझा.

बीजेपी की आलोचना

बीजेपी ने खुद को आलोचनाओं से बचाने के लिए इस बार गुरदासपुर से जानबूझकर किसी बॉलीवुड एक्टर को टिकट नहीं दिया. उसने खुद के नेता पर दांव लगाना उचित समझा. यह एक अच्छी बात है. इस बार गुरदासपुर से बीजेपी और अन्य पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. यह बात इंडियन एक्सप्रेस से गुरदासपुर के वोटर ने कही है.

भरोसे पर खरा उतरने की कही बात

गुरुदासपुर से टिकट पाने के बाद दिनेश सिंह बब्बू निर्वाचन क्षेत्र का लगातार दौरा कर रहे है. उन्होंने टिकट मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और बीजेपी राज्य अध्यक्ष सुनील जाखड़ का आभार व्यक्त किया.

उन्होंने कहा कि संगठन के विश्वास पर वो खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे. जनता के प्यार से वो गुरदासपुर की सीट जीतेंगे.

गुरदासपुर पार्लियामेंट्री सीट में 9 विधानसक्षा क्षेत्र हैं. ये सीटें सुजानपुर, भोआ, पठानकोट, गुरदासपुर, दीनानगर, कादियान, बटाला, फतेहगढ़ चुरियन और डेरा बाबा नानक  हैं. करतारपुर कॉरिडोर, जिसका उद्घाटन 9 नवंबर 2019 में हुआ था उसकी डेरा बाबा नानक से 4.1 किलोमीटर दूर है.

करतारपुर कॉरिडोर चुनावी कैंपेन

बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट सुनील जाखड़ ने इस मुद्दे को कई बार उठाया है. उन्होंने एक बार कहा था कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से यात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर न केवल पंजाब बल्कि विश्व भर के सभी समुदायों के लिए खुल सका. मोदी जी इस समुदाय के लिए बहुत कुछ किया है हम उसे पंजाब के लोगों तक ले जाएंगे.

सांसद सनी देओल का अपने संसदीय क्षेत्र का एक भी बार दौरा न करना बीजेपी के लिए सबसे कठिन बिंदु है. इस मुद्दे को वह किसी भी हालात में चुनावी प्रचार से दूर रखना चाह रही है.

भगवंत मान ने साधा था निशाना

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिसंबर 2023 में गुरदासपुर के लिए 1,854 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी. उस वक्त उन्होंने सनी देओल पर निशाना साधते हुए कहा था कि एमपी होने के नाते वो अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक भी योजना नहीं ला सके.

बीजेपी और बब्बू के लिए चुनौती

बीजेपी और दिनेश सिंह बब्बू के लिए गुरदासपुर की सीट जीतना किसी टफ टास्क से कम नहीं है. निर्वाचन क्षेत्र में हिंदू वोटरों की संख्या ज्यादा है. इसी को ध्यान में रखते हुए फरवरी महीने में अयोध्या के लिए कई ट्रेनें चलाई गई थी.