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Pune Porsche Case: 3 लाख में बिक गया डॉक्टर! 'मिडिल मैन' फरार, पढ़िए पुणे केस की एक-एक धांधली

Pune Porsche Case: पुणे पोर्श कार केस मामले में पुलिस अब तक 10 लोग गिरफ्तार कर चुकी है. इस मामले में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस केस में उस मिडिल मैन की तलाश जारी है जिसने सैंपल बदलने में आरोपी के पिता की मदद की थी.  

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Porsche Case: पुणे पोर्श कार हादसे में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. खून के सैंपल से छेड़छाड़ करने के मामले में गिरफ्तार किए गए ससून जनरल अस्पताल के दो डॉक्टरों ने सरकारी अस्पताल के कर्मचारी अतुल घटकांबले से तीन लाख रुपये लिए थे. ये रुपये नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल ने कर्मचारी को दिए थे. अस्पताल के कर्मचारी ने नाबालिग के पिता द्वारा दी गई रकम को फोरेंसिक हेड डॉक्टर अजय तावरे और चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर श्रीहरि हैलनोर तक पहुंचाई थी. ऐसे में एक सवाल ये उठ रहा है कि इन सब कामों को अंजाम देने वाला मिडिल मैन फरार चल रहा है. पुलिस उस मिडिल मैन की तलाश में जुटी हुई है.  

गिरफ्तार किए गए 2 डॉक्टरों में से एक डॉक्टर श्रीहरि हैलनोर ने बताया कि उसने नाबालिक का ब्लड सैंपल डॉ. तावरे के कहने पर डस्टबिन में फेंक दिया था. उन्होंने इस बात को पुलिस के सामने कबूल भी किया है.

कैसे और किस तरह बदला गया ब्लड सैंपल?

  • नाबालिग आरोपी का ब्लड सैंपल 19 मई की सुबह 11 बजे ससून जनरल अस्पताल में लिया गया था.
     
  • इसके बाद आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल ने डॉक्टर अजय तावरे से संपर्क किया.
     
  • डॉक्टर अजय तावरे के कहने पर डॉक्टर श्रीहरि हैलनोर ने नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल को डस्टबिन में फेंक दिया. उसके बाद एक अन्य शख्स का ब्लड सैंपल फॉरेंसिक लैब में भेजा गया.  
     
  • इसके बाद ससून जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने कंफर्म किया कि नाबालिग आरोपी ने शराब नहीं पी थी.
     
  • इसके बाद पुलिस ने नाबालिग का एक और ब्लड सैंपल लिया ताकि उसके पिता के साथ डीएनए टेस्टिंग की जा सकी.

मिडिल मैन की तलाश जारी

दूसरी बार जो ब्लड सैंपल लिया गया था उससे नाबालिग के पिता का ब्लड सैंपल मैच कर गया लेकिन इससे पहले जो सैंपल शराब की जांच के लिए गए थे उससे ब्लड सैंपल नहीं मैच हुआ था.

पुलिस की इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि इस पूरे केस में एक मिडल मैन शामिल  है. पुणे पुलिस  उस मिडिल मैन की तलाश कर रही है.

ब्लड सैंपल हेरफेर मामले में बीते सोमवार को 3 सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है. ये कमेटी इस केस में ब्लड सैंपल की गई हेराफेरी की जांच करेगी.

दो पुलिस अफस निलंबित

इस केस में दो पुलिस अफसरों को भी निलंबित किया गया है. 19 मई को हुई दुर्घटना के बाद पुलिस निरीक्षक राहुल जगदाले और एपीआई विश्वनाथ टोडकरी ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी अपने सीनियर्स को टाइम पर नहीं दी थी, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.

अब तक हुई 10 गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक कुल 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल, दादा सुरेंद्र अग्रवाल सरकारी अस्पताल के दो डॉक्टर और एक कर्मचारी, पब का मालिक, 2 मैनेजर और 2 कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है.

पुणे पोर्श केस की पूरी टाइमलाइन

  • 18 मई की रात 10 बजकर 40 मिनट पर नाबालिग आरोपी पोर्श कार लेकर कोजी पब गया उसने वहां 48 हजार रुपये की शराब पी.
     
  • फिर वह क्लब मैरिएट होटल गया वहां भी शराब पी. वह करीब 2 बजकर 15 मिनट पर वहां से निकला. उसके कार की स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा थी. उसकी कार ने टक्कर मारी जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवक और युवती की मौत हो गई.
     
  • घटना को देख वहां लोग जमा हो गए. कार रुकी. लोगों ने आरोपी को पकड़ पीटा और उसे पुलिस के हवाले कर दिया. कार में उसका दोस्त भी था.
     
  • 19 मई को पुलिस ने आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया तो बोर्ड ने 300 शब्दों का निबंध लिखने की सजा देकर आरोपी को जमानत दे दी.
     
  • इसके बाद लोगों में गुस्सा फूटा. सोशल मीडिया पर नाबालिग आरोपी के खिलाफ वयस्क की तरह मुकदमा चलाए जाने की बात कही. 22 मई को फिर से नाबालिग को पेश किया गया जिसके बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को अपना फैसला बदलना पड़ा जमानत रद्द करके उसे 5 जून तक के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया.
     
  • इस बीच 21 मई को पुलिस ने नाबालिग के पिता समेत होटल और पब के मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया. 22 मई को आरोपी के पिता को पुलिस हिरासत में भेजा गया.
     
  • 24 मई को कोर्ट ने आरोपी के पिता और अन्य 5 को 7 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
     
  • इस केस में 25 मई को नाबालिग के दादा को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद 27 मई को सैंपल बदलने की बात सामने आई पुलिस ने ब्लड सैंपल बदलने के लिए 2 सरकारी अस्पताल के दो डाक्टर और 1 कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया.   
     
  • पुलिस अभी उस मिडिल मैन की तलाश में जुटी है जिसने ब्लड सैंपल को बदलवाने में अपनी भूमिका निभाई है.