Operation Sindoor: 'बालाकोट हवाई हमले से हमें क्या मिला', भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच महबूबा मुफ्ती का चौंकाने वाला बयान

महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से तनाव को कम करने और संयम बरतने की अपील की है. उनका तर्क है कि सैन्य कार्रवाइयां केवल लक्षणों का इलाज करती हैं, न कि समस्या के मूल कारण का.

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Gyanendra Sharma

भारत और पाकिस्तान के बीच महबूबा मुफ्ती ने फिर से अपना पुरान राग अलापा है. पाकिस्तानी आर्मी भारत में हमले की कोशिश कर रही है. आम नागरिकों को निशाना बना रहा है. इस बीच महबूबा मुफ्ती ने दोनों देशों से शांति की अपील की है.  उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव के कारण हमारे लोग प्रभावित हो रहे हैं. यह दोनों पक्षों की ओर से संयम बरतने और तनाव कम करने का समय है, क्योंकि निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं.

हाल के दिनों में सीमा पर तनाव बढ़ा है. पाकिस्तानी सेना की ओर से कथित तौर पर भारत में घुसपैठ और हमलों की कोशिशें की जा रही हैं. भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई में कोई कसर नहीं छोड़ी है. इस बीच, सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. गोलीबारी में बच्चे, महिलाएं और बेगुनाह लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. महबूबा मुफ्ती ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि इन निर्दोष लोगों का क्या कसूर है जो इस संघर्ष की भेंट चढ़ रहे हैं?

शांति की अपील

महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से तनाव को कम करने और संयम बरतने की अपील की है. उनका तर्क है कि सैन्य कार्रवाइयां केवल लक्षणों का इलाज करती हैं, न कि समस्या के मूल कारण का. उन्होंने 2019 के पुलवामा हमले और उसके बाद हुए बालाकोट हवाई हमले का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उन कार्रवाइयों से क्या हासिल हुआ? उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां केवल तात्कालिक जवाब देती हैं, लेकिन स्थायी शांति का रास्ता नहीं खोलतीं.

जंग समाप्त करने की अपील

उन्होंने कहा कि मैं दोनों पक्षों के नेतृत्व से इस हमले को समाप्त करने की अपील करती हूं. जम्मू-कश्मीर के लोग, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग कब तक इसके परिणाम भुगतेंगे?. एक बड़ी स्ट्राइक (ऑपरेशन सिंदूर) करने का दावा करने के बाद उनका उद्देश्य पूरा हो गया है. इसी तरह, पाकिस्तान दावा कर रहा है कि उन्होंने हमारे लड़ाकू विमानों को मार गिराया और पुंछ में ब्रिगेड मुख्यालय को नष्ट कर दिया. इसका मतलब है कि दोनों ने बराबर हिसाब चुकाया है. मैं पाकिस्तान के नेतृत्व और पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करती हूं, जिन्होंने वादा किया था कि युद्ध का युग समाप्त हो गया है. अगर दोनों प्रधानमंत्री बस फोन उठा सकते हैं और इस संघर्ष को हल कर सकते हैं.