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मनोज जरांगे के आगे झुकी महाराष्ट्र सरकार, मराठाओं की जीत पर देवेंद्र फडणवीस ने दिया बड़ा बयान

बता दें कि मनोज जरांगे ने 29 अगस्त को मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू किया था लेकिन आज सरकार से मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
मनोज जरांगे के आगे झुकी महाराष्ट्र सरकार, मराठाओं की जीत पर देवेंद्र फडणवीस ने दिया बड़ा बयान
Courtesy: What did Maharashtra CM Devendra Fadnavis say on Manoj Jarange decision to end Maratha reservation

महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा आरक्षण की मांग माने जाने बाद कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने पांच दिन की भूख हड़ताल को खत्म कर दिया. मराठा सरकार ने जरांगे के इस कदम का स्वागत किया है. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा हम जरांगे के इस कदम का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय के हित में सरकार को समाधान मिल गया है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मुझे इस बात की खुशी है कि आज ये अनशन समाप्त हुआ है। मैं हमारे कैबिनेट सब कमेटी को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इस पर बहुत अच्छा कार्य किया। मैं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार को भी धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने भी हमारी मदद की है। उनकी जो अहम मांग थी कि हैदराबाद गजेटियर को लागू करना चाहिए उस मामले में हमारा कोई दूसरा मत नहीं था...'

हमारी सरकार ने हमेशा मराठा समुदाय के पक्ष में फैसले लिए हैं

फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा मराठा समुदाय के कल्याण को प्राथमिकता दी है. राजनीति में आलोचनाओं से हमें विचलित नहीं होना चाहिए. हमारा उद्देश्य मराठा समुदाय के लिए न्याय सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा मराठा और ओबीसी समुदाय के हित में काम करती रहेगी.

मराठा आरक्षण के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे जरांगे

बता दें कि मनोज जरांगे ने 29 अगस्त को मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू किया था लेकिन आज सरकार से मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी. उन्होंने मराठावाड़ा के मराठा समुदाय को कुंबी समुदाय के समान ओबीसी का दर्जा देते हुए उन्हें नौकरी और शिक्षा में आरक्षण देने की मांग की थी.

सरकार ने मांगी जरांगे की मांगें

महाराष्ट्र सरकार ने जरांगे की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया और अब जल्द ही सरकार इन मांगों को अमलीजामा पहना सकती है. इसके लिए सरकार ने जरांगे को दो महीने का समय दिया है.