वायनाड में बारिश बनी आफत, सुरंग परियोजना स्थल पर भूस्खलन में दो की मौत; कई लोगों के दबे होने की आशंका
केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सुरंग परियोजना स्थल पर भीषण भूस्खलन हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. घटना मेप्पडी के पास कल्लडी क्षेत्र में हुई.
वायनाड: केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को भारी बारिश के बीच सुरंग निर्माण परियोजना के पास भीषण भूस्खलन हो गया. इस हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. यह हादसा मेप्पडी के पास कल्लडी इलाके में मीनाक्षी पुल के समीप हुआ, जहां मलप्पुरम और वायनाड को जोड़ने वाली सुरंग सड़क परियोजना का निर्माण चल रहा है. सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.
मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
घटना के बाद मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने संबंधित मंत्रियों के साथ आपात बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने मंत्री ए. पी. अनिल कुमार और टी. सिद्दीकी को वायनाड पहुंचकर मौके पर राहत अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा है.
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भारी बारिश के बाद हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग 265 मिमी बारिश दर्ज की गई. लगातार बारिश के कारण सुरंग परियोजना का निर्माण कार्य सोमवार से ही रोक दिया गया था. प्रारंभिक आशंका है कि अत्यधिक वर्षा के कारण पहाड़ी से मलबा खिसकने से यह हादसा हुआ.
स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जानें
राहत दल के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने मौके पर फंसे छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. बताया गया कि ये लोग सुरंग परियोजना में कार्यरत श्रमिकों के आवास में ठहरे हुए थे. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि मलबे के नीचे और कितने लोग फंसे हो सकते हैं.
घर और वाहन भी आए चपेट में
भूस्खलन की चपेट में आसपास के कुछ मकान, होमस्टे और निर्माण कार्य में लगे कई वाहन भी आ गए. इससे क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि नुकसान का पूरा आकलन बचाव अभियान पूरा होने के बाद किया जाएगा.
NDRF समेत कई एजेंसियां जुटीं
दमकल विभाग, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रही हैं. जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है. अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि भूस्खलन से सुरंग परियोजना को कितना नुकसान पहुंचा है और निर्माण कार्य पर इसका क्या असर पड़ा है.