भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार, 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह कदम भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है.
स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला
जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित अपने इस्तीफे में कहा, "स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं इसके द्वारा भारत के उपराष्ट्रपति के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं, जो संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार है." उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि यह निर्णय उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है.
Vice President Jagdeep Dhankhar resigns from his post "to prioritise health care and abide by medical advice." pic.twitter.com/IoHiN7VGAR
— ANI (@ANI) July 21, 2025
कार्यकाल और योगदान
अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने वाले धनखड़ ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा, "इस महत्वपूर्ण दौर में भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व विकास का साक्षी बनना और उसमें भाग लेना एक विशेषाधिकार और संतुष्टि की बात रही." उन्होंने भारत के परिवर्तनकारी युग में सेवा करने को सच्चा सम्मान बताया और देश के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास व्यक्त किया.
60 दिनों के भीतर नया चुनाव अनिवार्य
संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति के पद पर रिक्ति होने पर 60 दिनों के भीतर नया चुनाव कराया जाना अनिवार्य है. चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल हस्तांतरणीय मत के जरिए भाग लेंगे. तब तक, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, जो अगस्त 2022 से इस पद पर हैं, उच्च सदन के कार्यवाहक सभापति के रूप में कार्य करेंगे.
राजनीतिक प्रभाव
धनखड़ का इस्तीफा भारतीय राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है. उनके स्वास्थ्य के लिए देशभर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं, और नई नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.