'दलितों के घर भोजन-पानी, धार्मिक उपदेश', आखिर क्या है VHP का प्लान?

महाराष्ट्र और कर्नाटक के अलावा कुछ हिंदी बेल्ट में भी बीजेपी का दलित वोट बैंक खिसक गया था नतीजतन बीजेपी पूर्ण बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई थी. संविधान बदलने के बयान ने दलितों में डर का माहौल पैदा किया और इंडिया गठबंधन ने इन बयानों को खूब भुनाया था.

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Delhi News: हाल ही के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जो करारा झटका लगा था, उसको लेकर खबरें थीं कि बीजेपी की यह हालत दलित मतदाताओं का वोट खिसकने की वजह से हुई है. दलित मतदाता को वापस लाने के लिए अब संघ परिवार ने अपने प्रयास तेज कर दिये हैं. संघ अब दलितों को साधने के लिए गांव और ग्रामीण इलाकों में  15 दिन का धर्म सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रहा है.

दलितों के घर खाएंगे खाना
विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में दलितों के घर पर भोजन करना और उनकी बस्तियों में जाकर धार्मिक उपदेश देना शामिल होगा.

धर्म के प्रति जागरूक करना मकसद

वीएचपी प्रमुख आलोक कुमार ने इस कार्यक्रम को लेकर कहा, 'यह कार्यक्रम दिवाली से 15 दिन पहले (1 नवंबर) शुरू होगा. हमने धार्मिक नेताओं और गुरुओं से गांव, कस्बों और शहरों की दलित बस्तियों में जाकर पदयात्रा निकालने का आग्रह किया है. इस दौरान संत दलित समुदाय के साथ भोजन करेंगे उन्हें धार्मिक संदेश देंगे. धर्म के प्रति उनमें जागरूकता फैलाने के मकसद से ऐसा किया जाएगा. हम समय-समय पर ऐसा करते रहे हैं. इसके पीछे धारणा ये है कि सत्संग में लोगों के आने का इंतजार करने के बजाय सत्संग खुद लोगों तक जाए.'

कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम से पहले संगठन कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपनी 60वीं जयंती मनाएगा. इस दौरान देश भर के करीब 9000 ब्लॉकों में धार्मिक आयोजन किए जाएंगे जिसमें विभिन्न समुदायों के लोग हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि समाज में छूआछूत को खत्म करने और हिंदुओं को एकजुट करने के लिए ये कार्यक्रम संघ परिवार की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा हैं.

दलित वोटर खिसने से बहुमत से दूर रह गई थी बीजेपी

बता दें कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के अलावा कुछ हिंदी बेल्ट में भी बीजेपी का दलित वोट बैंक खिसक गया था नतीजतन बीजेपी पूर्ण बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई थी.

संविधान बदलने के बयान से मची थी खलबली
चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के कुछ नेताओं ने अपने बयानों से ऐसा संकेत दिया था कि अगर बीजेपी 400 सीटों पर जीतती है तो संविधान बदल दिया जाएगा. दलित समाज में इसका गलत संदेश गया था. विपक्षी इंडिया गठबंधन ने इन बयानों को अपने प्रचार में जमकर भुनाया कि बीजेपी दलितों के मसीहा बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान को बदल देना चाहती है.