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आम आदमी को मिल रही महंगाई से राहत, 8% सस्ती हुई वेज थाली, 12% घट गए नॉनवेज के दाम

टमाटर के अलावा सिलेंडर की कीमतों की भी थाली की कीमतें बढ़ाने में अहम भूमिका होती है, LPG की कीमतों में भी 27% की गिरावट आई है. मार्च 2024 में दिल्ली में 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत 803 रुपए थी जबकि अगस्त 2023 में ये 1,103 रुपए थीं.

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India Daily Live

खुदरा महंगाई में नरमी का असर अब खाने की थाली पर दिखने लगा है. पिछले साल की तुलना में इस साल अगस्त में वेज और नॉनवेज दोनों थालियों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है. क्रिसिल crisil mi&a की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.

शाकाहारी-मांसाहारी थाली की कीमत घटी

आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर घर पर बनी शाकाहारी थाली की कीमतों में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि मांसाहारी थाली की कीमत में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है.

टमाटर के कारण घटे वेज थाली के दाम

साल-दर-साल शाकाहारी थाली की कीमत में गिरावट मुख्य रूप से टमाटर की कीमतों में नाटकीय रूप से आई 51 प्रतिशक कमी के कारण है. अगस्त महीने में शाकाहारी थाली की कीमत में टमाटर की भूमिका 14 प्रतिशत थी.

साल दर साल टमाटर की कीमतों में 51 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. अगस्त 2023 में टमाटर की कीमत 102 रुपए किलो थीं जो अगस्त 2024 में 51 फीसदी गिरकर 50 रुपए किलो रह गया. दक्षिण और पश्चिमी राज्यों से टमाटर की आवक के कारण टमाटर की कीमतों में गिरावट देखी गयी.

सिलेंडर ने भी निभाई अहम भूमिका

टमाटर के अलावा सिलेंडर की कीमतों की भी थाली की कीमतें बढ़ाने में अहम भूमिका होती है, LPG की कीमतों में भी 27% की गिरावट आई है. मार्च 2024 में दिल्ली में 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत 803 रुपए थी जबकि अगस्त 2023 में ये 1,103 रुपए थीं.

खाद्य तेल, मिर्च, जीरे की भी कीमतें हुईं कम

इसके अलावा खाद्य तेल, मिर्च, जीरा की कीमतों में आई 6 प्रतिशत की गिरावट ने भी थाली की कीमतें घटाने में अहम भूमिका अदा की है. इन सब का वेज थाली की कीमतों में 5 प्रतिशत से कम का योगदान होता है. खाद्य तेल, मिर्च और जीरे की कीमतों में साल दर साल क्रमश: 6 प्रतिसत, 30 प्रतिशत और 58 प्रतिशत की गिरावट आई है.

चिकन के दाम 13 प्रतिशत गिरे

वहीं अगर मांसाहारी थाली की बात करें तो साल दर साल चिकन की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई है जो मांसाहारी थाली की कीमतों में 50 प्रतिशत भूमिका निभाता है.

प्याज, आलू हुआ महंगा

हांलाकि इस दौरान प्याज और आलू  की कीमतों में वृद्धि हुई जिसके कारण मांसाहारी थाली की लाहत में गिरावट आंशिक रूप से सीमित हो गई. रबी की फसल की कम आवक के कारण प्याज की कीमतों में 15 रुपए किलो और आलू की कीमतों में 13 रुपए किलो का इजाफा हो गया था.

मासिक आधार पर 4 प्रतिशत गिरे दाम
रिपोर्ट कहती है कि मासिक आधार पर शाकाहारी थाली के दाम 4 प्रतिशत गिरे हैं.  जबकि मांसाहारी थाली  की कीमतों में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है. मासिक आधार पर थाली की कीमतों में गिरावट मुख्य रूप से टमाटर की कीमतों में गिरावट के कारण रही.

जुलाई 2024 में टमाटर 66 रुपए किलो थे जो अगस्त में घटकर 50 रुपए किलो बिके. इसी तरह मासिक आधार पर मांसाहारी थाली की कीमतों में आई गिरावट में सबसे बड़ा योगदान चिकन की कीमतों में हुई गिरावट का रहा. श्रावण मास के कारण मांस ककी खपत में कमी आने से चिकन की कीमतें गिर गई थीं.