Budget 2026

चीन की निकलेगी हेकड़ी! केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, रेयर अर्थ कॉरिडोर को लेकर की घोषणा

दुर्लभ खनिजों के लिए चीन पर भारत की निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान कर दिया है. केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री ने 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' स्थापित करने की घोषणा की है.

ani
Antima Pal

नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ा और रणनीतिक ऐलान किया है. उन्होंने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है. यह कदम भारत को दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.

बजट में निर्मला सीतारमण ने कर दिया बड़ा ऐलान

रेयर अर्थ एलिमेंट्स वे विशेष खनिज हैं जो इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस, इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल फोन, कंप्यूटर और हाई-टेक उपकरणों में इस्तेमाल होते हैं. दुनिया में इनकी सबसे ज्यादा सप्लाई चीन के पास है, जहां से भारत को काफी मात्रा में आयात करना पड़ता है. चीन की इस एकाधिकार वाली स्थिति से भारत की सप्लाई चेन पर खतरा रहता है, खासकर जब वैश्विक तनाव बढ़ता है.

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा- 'नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स स्कीम लॉन्च की गई थी. अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में समर्थन देंगे. इससे माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.' ये कॉरिडोर इन राज्यों में खनन से लेकर उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करेंगे. इससे न सिर्फ भारत की आयात निर्भरता कम होगी, बल्कि रोजगार भी बढ़ेंगे और तकनीकी विकास होगा.

यह घोषणा 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन से जुड़ी

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में पहले से ही कुछ रेयर अर्थ रिजर्व हैं, जबकि केरल और तमिलनाडु में भी संभावनाएं हैं. सरकार इन राज्यों को फंडिंग, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट देगी. यह घोषणा 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन से जुड़ी है. बजट में कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर फोकस है, जैसे सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और बायोफार्मा. रेयर अर्थ कॉरिडोर से भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत खिलाड़ी बन सकता है. 

चीन की दादागिरी पर लगेगी लगाम!

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम चीन की दादागिरी पर लगाम लगाएगा, क्योंकि चीन अक्सर इन खनिजों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है. फिलहाल यह प्रस्ताव है और जल्द ही डिटेल्स और फंड अलोकेशन के साथ आगे बढ़ेगा. अगर सफल रहा तो भारत की इकोनॉमी और स्ट्रैटेजिक पोजिशन में बड़ा बदलाव आएगा.