'वोट चोर दिखे तो उसे रोकिए, सवाल पूछिए.....', उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर कसा तंज

मुंबई में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की ‘सत्याचा मोर्चा’ रैली में उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर तीखा हमला किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वोट चोरों को पहचानें और सबक सिखाएं. ठाकरे ने तंज किया कि जब एक शौचालय के पते पर 100 मतदाता दर्ज हो सकते हैं, तो घरों में कितने होंगे.

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Kanhaiya Kumar Jha

मुंबई: मुंबई में शनिवार को महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की ‘सत्याचा मोर्चा’ यानी ‘सत्य के लिए मार्च’ नाम की रैली आयोजित की गई. इस रैली में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए लोगों से अपील की कि वे ऐसे लोगों को पहचानें जो लोकतंत्र के साथ धोखा कर रहे हैं और उन्हें सबक सिखाएं.

एक ही जगह पर अनेक मतदाताओं के नाम दर्ज होने पर कसा तंज

उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा, 'जहां भी वोट चोर दिखे, उसे रोकिए, सवाल पूछिए और सच्चाई सामने लाइए.' उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे यह जरूर जांचें कि उनका नाम मतदाता सूची में सही से दर्ज है या नहीं. ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि जब एक शौचालय की सीट पर 100 मतदाताओं के नाम दर्ज हो सकते हैं, तो सोचिए आपके घर पर कितने होंगे.

मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप

उनका यह बयान उस समय आया है जब राज्य की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि कई इलाकों में एक ही पते पर सैकड़ों मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुछ जगहों पर तो 800 से अधिक लोगों का नाम एक ही पते से दर्ज पाया गया है. इससे मतदाताओं की असली संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

एमवीए की इस रैली का उद्देश्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाना था ताकि मतदाता सूची में पारदर्शिता लाई जा सके. ठाकरे ने कहा कि अगर लोगों ने अब भी आवाज नहीं उठाई, तो चुनावों की निष्पक्षता पर भरोसा खत्म हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तभी बचेगा जब जनता जागरूक रहे और अपने अधिकारों की रक्षा करे.

रैली में बड़ी संख्या में एमवीए समर्थक, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता मौजूद थे. मंच से सभी नेताओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि महाराष्ट्र में चुनाव निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए और किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.