मणिपुर में रॉकेट हमले से दो बच्चों की मौत, इंटरनेट बंद और प्रदेशभर में लगाया गया कर्फ्यू

घटना मणिपुर के मोइरांग स्थित ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई गांव में हुई बीएसएफ जवान के घर पर रात करीब 1 बजे संदिग्ध रूप से पहाड़ी इलाके से रॉकेट या मोर्टार जैसा प्रोजेक्टाइल दागा गया. इस विस्फोट में 5 साल का एक लड़का और 5 महीने की एक छोटी बच्ची सोते हुए मारी गईं.

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मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. मंगलवार की आधी रात को बिशनपुर जिले के मोइरांग इलाके में हुए संदिग्ध रॉकेट हमले में दो छोटे बच्चों की जान चली गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं. इस घटना के बाद राज्य सरकार ने तनाव बढ़ने की आशंका में पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा तीन दिनों के लिए बंद कर दी है और बिशनपुर में कर्फ्यू लगा दिया है.

मणिपुर में रॉकेट हमले से दो मासूम बच्चों की मौत

घटना मणिपुर के मोइरांग स्थित ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई गांव में हुई बीएसएफ जवान के घर पर रात करीब 1 बजे संदिग्ध रूप से पहाड़ी इलाके से रॉकेट या मोर्टार जैसा प्रोजेक्टाइल दागा गया. इस विस्फोट में 5 साल का एक लड़का और 5 महीने की एक छोटी बच्ची सोते हुए मारी गईं. उनकी मां को गंभीर चोटें आईं और उन्हें इंफाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया. दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है.

इंटरनेट बंद और कर्फ्यू लगाया गया

मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे 'बार्बरिक एक्ट' और 'मानवता पर सीधा हमला' बताया. सीएम ने कहा- 'जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, उन्हें पकड़ा जाएगा और कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाएगी. ऐसे आतंकवादी कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.'

उन्होंने घायल मां का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचकर उन्हें बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए. स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा. घटना की खबर फैलते ही लोग सड़कों पर उतर आए, मोइरांग पुलिस स्टेशन पर हमला किया और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया. तनाव को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए.

मणिपुर सरकार के गृह विभाग ने इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, काकचिंग और बिशनपुर जिलों में 7 अप्रैल दोपहर 2 बजे से तीन दिनों के लिए मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाएं सस्पेंड कर दीं. बिशनपुर में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि यह कदम अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोकने तथा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है.

मोइरांग इलाका मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच संवेदनशील हिल-वैली सीमा पर स्थित है. पिछले कई सालों से यहां जातीय तनाव बना हुआ है. इस हमले को कुछ स्थानीय नेताओं ने 'कुकी नार्को-टेररिस्टों' का काम बताया है, हालांकि जांच अभी जारी है. इस घटना से राज्य में फिर से अशांति फैलने की आशंका है. सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.