राशन कार्ड भी फर्जी, पता भी नकली, पूजा खेडकर ने खुद को दिव्यांग बताने के लिए कितना झोल कर डाला?

ट्रेनी IAS अफसर पूजा खेडकर को लेकर हर दिन एक नया खुलासा, नई जानकारी सामने आ रही है. अब जांच में पता चला है कि गलत पता के जरिए राशन कार्ड बनवाया था और इसी राशन कार्ड के इस्तेमाल से दिव्यांग सर्टिफिकेट हासिल किया था और फिर इसी के आधार पर आईएएस अफसर बनीं थीं.

Social Media
India Daily Live

इन दिनों विवादों में घिरी महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS अफसर पूजा खेडकर को लेकर हर दिन एक नया खुलासा हो रहा है. अब इस मामले में एक और नई जानकारी सामने आई है. पता चला है कि पूजा खेडकर ने गलत पता के जरिए राशन कार्ड बनवाया था और इसी राशन कार्ड के इस्तेमाल से दिव्यांग सर्टिफिकेट हासिल किया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि पूजा खेडकर ने पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल हॉस्पिटल से फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनवाया था. जिसके लिए उसने अपने घर का पता पिंपरी चिंचवाड़ बताया था. खेडकर ने अस्पताल को जो एड्रेस प्रूफ दिया था. उसमें उसके घर का पता प्लॉट नंबर 53 देहू-आलंदी, तलवडे था. हालांकि अब तक पता चला है कि यह एड्रेस असल में किसी रिहायशी प्रापर्टी का नहीं बल्कि बंद हो चुकी कंपनी थर्मोवेरिटा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का था.

राशन कार्ड भी फर्जी, पता भी नकली

जांच में यह भी पता चला है कि पूजा खेडकर ने इस कंपनी के एड्रेस का इस्तेमाल पर राशन कार्ड बनवाया था. इसी राशन कार्ड का इस्तेमाल कर खेडकर ने लोकोमोटर डिसेबिलिटी का दावा कर वाईसीएम अस्पताल से दिव्यांगता सर्टिफिकेट हासिल किया था. लोकोमोटर डिसेबिलिटी में किसी भी शख्स के पैर सही तरीके से काम नहीं करता है.

LBSNAA ने रद्द की पूजा खेडकर की ट्रेनिंग

इस पूरे मामले में दनादन एक्शन जारी है. अब उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एकेडमी ने पूजा खेडकर की महाराष्ट्र ट्रेनिंग को रद्द कर दिया है. LBSNAA द्वारा पूजा खेडकर को जारी आदेश में कहा गया है कि आपके जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित रखने तथा आगे की कार्रवाई के लिए आपको तुरंत वापस बुलाने का फैसला लिया गया है. आपको महाराष्ट्र राज्य सरकार के जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम से मुक्त किया जाता है.

पूजा खडेकर पर आरोप

ट्रेनी IAS अफसर पूजा खेडकर को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. आरोप है कि पूजा ने दिव्यांग और मानसिक रूप से बीमार होने का फर्जी सर्टिफिकेट जमा करके यूपीएससी परीक्षा में हिस्सा लिया था. उसके आधार पर विशेष रियायतें पाकर वो IAS बनीं, यदि उन्हे यह छूट नहीं मिलती तो उनके प्राप्त अंकों के आधार पर पूजा के लिए आईएस पद प्राप्त करना असंभव होता. बता दें कि पूजा खेडकर को पुणे कलेक्‍टर ऑफिस में 3 जून 2024 को असिस्‍टेंट कलेक्‍टर के रूप में नियुक्‍त किया गया था.