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Poonch Bus Accident: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में दर्दनाक हादसा, खाई में बस गिरने से 2 की मौत; 42 घायल

Poonch Bus Accident: पुंछ जिले में मंगलवार सुबह एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई. मेंढर सब-डिवीजन के घने क्षेत्र में एक यात्री बस गहरी खाई में गिर गई, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और 42 यात्री घायल हुए.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Poonch Bus Accident: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में दर्दनाक हादसा, खाई में बस गिरने से 2 की मौत; 42 घायल
Courtesy: Social Media

Poonch Bus Accident: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया. मेंढर सब-डिवीजन के घनी इलाके में एक यात्री बस गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 42 यात्री घायल हो गए. हादसा सुबह करीब 9:20 बजे हुआ जब बस, जो जेके02एक्स-1671 नंबर की थी, घनी से मेंढर की ओर जा रही थी. घटना के समय मौजूद लोगों के मुताबिक, संकरी और घुमावदार सड़क पर बस के ड्राइवर ने अचानक नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन सीधे खाई में जा गिरा. मरने वालों की पहचान मोहम्मद मजीद (45 वर्ष, घनी गांव निवासी) और नूर हुसैन (60 वर्ष, कस्बलारी निवासी) के रूप में हुई है.

घायलों की हालत गंभीर, कई को किया गया रेफर

बता दें कि घटना में घायल हुए 42 यात्रियों में से नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है. इन गंभीर घायलों में से पांच को बेहतर इलाज के लिए जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल रेफर किया गया है. बाकियों का इलाज मेंढर और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है.

स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा

वहीं हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया. करीब 15 एम्बुलेंस मौके पर भेजी गईं ताकि घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके. राहत कार्य की तेजी ने कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई.

पुलिस जांच में जुटी, बस को खींचा गया बाहर

बताते चले कि पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच के अनुसार, खराब सड़क और वाहन पर ड्राइवर का नियंत्रण खोना मुख्य कारण माना जा रहा है. बस को खाई से निकाल लिया गया है और घटनास्थल को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है.

फिर उठा सवाल - पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत?

इसके अलावा, इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. जरूरत है कि प्रशासन इन रूटों पर नियमित चेकिंग और ड्राइवरों की ट्रेनिंग पर ध्यान दे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें.