तिरुपति के लड्डुओं में नहीं मिलाई गई पशु की चर्बी, CBI ने कहा- नकली घी का हुआ इस्तेमाल

YSRCP नेता भूमान करुणाकर रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण ने झूठे आरोप लगाकर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई और जगन मोहन रेड्डी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.

@Addictedtomemez
Sagar Bhardwaj

2019 से 2024 तक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को सप्लाई किए गए घी में कोई पशु वसा जैसे बीफ टैलो या सूअर की चर्बी (लार्ड) नहीं पाई गई. सीबीआई द्वारा 23 जनवरी को नेल्लोर की एंटी-करप्शन कोर्ट में दाखिल की गई अंतिम चार्जशीट में यह बात सामने आई है. यह जांच 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के आरोपों के बाद शुरू हुई थी, जिसमें कहा गया था कि पवित्र लड्डू प्रसाद में पशु वसा मिलाया गया. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की थी.

चार्जशीट के अनुसार, लड्डू बनाने में असली दूध या मक्खन के बजाय वेजिटेबल ऑयल जैसे पाम ऑयल, पाम केर्नल ऑयल और लैब में बने एस्टर (केमिकल) मिलाए गए. ये केमिकल घी के टेस्ट वैल्यू जैसे आरएम वैल्यू को नकली तरीके से बढ़ाने के लिए इस्तेमाल हुए. बीटा कैरोटीन से रंग और आर्टिफिशियल फ्लेवर से खुशबू बनाई गई, ताकि यह असली दानेदार घी जैसा लगे. रिपोर्ट के मुताबिक, घी में कोई पशु की चर्बी नहीं थी लेकिन घी पूरी तरह से नकली और सिंथेटिक था.

 250 करोड़ रुपए का नकली घी मिलाया गया

 चार्जशीट के मुताबिक नकली की का मुख्य सप्लायर उत्तराखंड के भगवानपुर स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी था, जो वर्चुअल फैक्ट्री जैसा चल रहा था. 2019-2024 में यहां कोई दूध या मक्खन नहीं आया, फिर भी टीटीडी को कम से कम 68 लाख किलो घी सप्लाई किया गया. इसकी कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई गई. चार्जशीट में 36 लोग आरोपी हैं, जिनमें 9 टीटीडी अधिकारी, 5 डेयरी एक्सपर्ट और अन्य शामिल हैं. कुछ मामलों में रिश्वत और फर्जी इनवॉइस का भी खुलासा हुआ है.

झूठे आरोप लगाकर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई

YSRCP नेता भूमान करुणाकर रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण ने झूठे आरोप लगाकर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई और जगन मोहन रेड्डी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. उन्होंने मांग की कि आरोपी नेता माफी मांगें, क्योंकि करोड़ों हिंदुओं को दुख हुआ.