महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में इस बार राजनीति ने सबको चौंका दिया. ठाणे नगर निगम चुनाव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने तीन अलग-अलग पार्टियों से चुनाव जीतकर रिकॉर्ड बना दिया. यह मामला न सिर्फ चर्चा में है, बल्कि राज्य में पारिवारिक राजनीति की गहरी पकड़ भी दिखाता है.
ठाणे में म्हात्रे परिवार ने ऐसा कारनामा किया जो आम तौर पर देखने को नहीं मिलता. प्रह्लाद म्हात्रे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के टिकट पर जीत हासिल की. रेखा म्हात्रे शिवसेना से चुनाव जीतने में सफल रहीं. वहीं रवीन म्हात्रे ने बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में वार्ड पर कब्जा जमाया. तीनों की जीत ने यह साफ कर दिया कि स्थानीय स्तर पर परिवार की पकड़ पार्टी से ज्यादा मजबूत हो सकती है.
#WATCH | Maharashtra civic body elections | Jalgaon: Emotional scenes in Jalgaon as Sarita Kolhe shares a hug with Mahayuti candidate Piyush Lalit Kolhe and breaks down.
— ANI (@ANI) January 16, 2026
Three members of the family - Lalit Kolhe, Sindhutai Kolhe and Piyush Lalit Kolhe won the election. Lalit… pic.twitter.com/8gsURFbQPx
हालांकि परिवार के लिए यह उपलब्धि खास रही, लेकिन प्रह्लाद म्हात्रे के लिए नतीजे थोड़े निराशाजनक रहे. पूरे ठाणे निगम चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन का दबदबा रहा, जिससे एमएनएस को ज्यादा सीटें नहीं मिल पाईं.
ऐसा ही एक और मामला जलगांव नगर निगम चुनाव में सामने आया. यहां कोल्हे परिवार के तीन सदस्य – ललित कोल्हे, सिंधुताई कोल्हे और पीयूष ललित कोल्हे – तीनों ने शिवसेना के टिकट पर जीत दर्ज की. खास बात यह रही कि ललित कोल्हे जेल में रहते हुए चुनाव जीते. परिवार ने उनके जेल से बाहर आने तक चप्पल न पहनने की मन्नत भी ली थी.
ठाणे को शिवसेना का गढ़ माना जाता रहा है. इस बार बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना साथ लड़ी, जबकि अजित पवार की एनसीपी अलग मैदान में उतरी. दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे करीब 20 साल बाद साथ आए, लेकिन गठबंधन को खास सफलता नहीं मिली.