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रच दिया इतिहास, BMC चुनाव में जीत गए एक ही परिवार के अलग-अलग पार्टी के तीन उम्मीदवार

ठाणे में म्हात्रे परिवार ने ऐसा कारनामा किया जो आम तौर पर देखने को नहीं मिलता. यह मामला न सिर्फ चर्चा में है, बल्कि राज्य में पारिवारिक राजनीति की गहरी पकड़ भी दिखाता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
रच दिया इतिहास, BMC चुनाव में जीत गए एक ही परिवार के अलग-अलग पार्टी के तीन उम्मीदवार
Courtesy: @ANI

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में इस बार राजनीति ने सबको चौंका दिया. ठाणे नगर निगम चुनाव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने तीन अलग-अलग पार्टियों से चुनाव जीतकर रिकॉर्ड बना दिया. यह मामला न सिर्फ चर्चा में है, बल्कि राज्य में पारिवारिक राजनीति की गहरी पकड़ भी दिखाता है.

एक ही परिवार से जीते तीन लोग

ठाणे में म्हात्रे परिवार ने ऐसा कारनामा किया जो आम तौर पर देखने को नहीं मिलता. प्रह्लाद म्हात्रे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के टिकट पर जीत हासिल की. रेखा म्हात्रे शिवसेना से चुनाव जीतने में सफल रहीं. वहीं रवीन म्हात्रे ने बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में वार्ड पर कब्जा जमाया. तीनों की जीत ने यह साफ कर दिया कि स्थानीय स्तर पर परिवार की पकड़ पार्टी से ज्यादा मजबूत हो सकती है.

जीत के बावजूद मिली निराशा

हालांकि परिवार के लिए यह उपलब्धि खास रही, लेकिन प्रह्लाद म्हात्रे के लिए नतीजे थोड़े निराशाजनक रहे. पूरे ठाणे निगम चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन का दबदबा रहा, जिससे एमएनएस को ज्यादा सीटें नहीं मिल पाईं.

जलगांव में भी जीते एक ही परिवार के तीन लोग

ऐसा ही एक और मामला जलगांव नगर निगम चुनाव में सामने आया. यहां कोल्हे परिवार के तीन सदस्य – ललित कोल्हे, सिंधुताई कोल्हे और पीयूष ललित कोल्हे – तीनों ने शिवसेना के टिकट पर जीत दर्ज की. खास बात यह रही कि ललित कोल्हे जेल में रहते हुए चुनाव जीते. परिवार ने उनके जेल से बाहर आने तक चप्पल न पहनने की मन्नत भी ली थी.

ठाणे चुनाव का राजनीतिक समीकरण

ठाणे को शिवसेना का गढ़ माना जाता रहा है. इस बार बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना साथ लड़ी, जबकि अजित पवार की एनसीपी अलग मैदान में उतरी. दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे करीब 20 साल बाद साथ आए, लेकिन गठबंधन को खास सफलता नहीं मिली.