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'बुलेट ट्रेन, एक्सप्रेस-वे, एम्स...', झारखंड की तस्वीर बदल रहीं मोदी सरकार की ये कल्याणकारी योजनाएं

मोदी सरकार ने झारखंड के आर्थिक परिदृश्य को नया आकार देने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पर कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है.

@dhrubachoudhur5
India Daily Live

Jharkhand News: बीते एक दशक में मोदी सरकार ने झारखंड की वन संपदा और खनिज के विकास और उसके संरक्षण पर पूरा फोकस किया है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का अब प्रदेश में असर भी दिखने लगा है. आज झारखंड देश के प्रमुख इलाकों से सीधे तौर पर जुड़ चुका है.

पिछले रविवार को पीएम मोदी ने एक और बड़े प्रोजेक्ट सेमी-हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क के विस्तार का लोकार्पण किया. अब तक टाटानगर तक वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार किया जा चुका है. इसके अलावा केंद्र ने झारखंड के प्रमुख स्थलों, धार्मिक और पर्यटन के साथ आद्योगिक क्षेत्र की रेल, रोड और हवाई कनेक्टिविटी पर भी फोकस किया है.

टाटानगर-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस के नेटवर्क से दो प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़े जाने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और झारखंड के रेल बुनियादी ढांचे में वृद्धि होगी.

मोदी सरकार ने झारखंड के आर्थिक परिदृश्य को नया आकार देने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पर कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है.

रेल कनेक्टिविटी पर फोकस
रांची-पटना, रांची-हावड़ा जैसे मार्गों को मंदे भारत देकर मोदी सरकार ने यात्रा के समय को काफी कम कर दिया है. इसके अलावा रांची-लोहरदगा-टोरी रेलवे लाइन नवीकरण और विद्युतीकरण जैसे परियोजनाओं से माल ढुलाई और यात्री दक्षता में सुधार हुआ है. इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महत्वपूर्ण लाइनों के दोहरीकरण और स्टेशनों के आधुनिकीकरण ने लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट हब के रूप में झारखंड के भविष्य की नींव रखी गई है.

हवाई यात्रा हुई बेहतर
देवघर एयरपोर्ट की शुरुआत झारखंड में हवाई यातायात के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुई है. 2022 में पीएम मोदी ने इसकी शुरुआत की थी. इस एयरपोर्ट के शुरू होने से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा हुआ है. केंद्र की योजनाओं में बोकारो और दुमका हवाई अड्डे की शुरुआत करना भी शामिल है जिससे प्रदेश के हवाई यात्रायात को जबरदस्त मजबूती मिलेगी.

औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा
बोकारो और बरही में LPG बॉटलिंग प्लांट स्थानीय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम कड़ी साबित हो रहे हैं. वहीं सिंदरी नैनो यूरिया संयंत्र आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए अहम कड़ी साबित हुआ है. इस संयंत्र से झारखंड और आसपास के राज्यों में किसानों को किफायती कीमत पर उर्वरक मिल रहा है. झारखंड को पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर जैसे बड़े ढांचे में भी एकीकृत किया गया है.

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी मोदी सरकार का फोकस
रेल, हवाई औद्योगिक क्षेत्र के अलावा मोदी सरकार ने झारखंड के समाजिक बुनियादी ढांचे, खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है. इसके अलावा केंद्र ने वंचित समुदाओं के लिए शैक्षिक परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम भी शुरू किए हैं.

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है.  इसके अलावा फ्री आवासीय स्कूली शिक्षा की दिशा में भी केंद्र ने अहम कदम उठाए हैं. देवघर में एम्स का निर्माण स्वास्थ्य क्षेत्र में झारखंड की जनता के लिए एक बहुमूल्य तोहफा है. इसके अलावा मोदी सरकार की कल्याणकारी आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के लाखों लोगों को दिया जा रहा है.