'द केरल स्टोरी 2' को लेकर केरल में छिड़ा विवाद! वामपंथी समूहों ने विरोध में परोसा बीफ; वीडियो वायरल
'द केरला स्टोरी 2' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. फिल्म के ट्रेलर में एक हिंदू महिला को जबरन बीफ खिलाने का दृश्य दिखाया गया है, जिसने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हंगामा मचा दिया है.
नई दिल्ली: केरल में आगामी फिल्म 'द केरला स्टोरी 2' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. फिल्म के ट्रेलर में एक हिंदू महिला को जबरन बीफ खिलाने का दृश्य दिखाया गया है, जिसने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हंगामा मचा दिया है. वामपंथी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए राज्य भर में बीफ फेस्टिवल आयोजित किए और बीफ के साथ परोठा परोसा.
'द केरल स्टोरी 2' को लेकर केरल में छिड़ा विवाद!
सीपीआई(एम) की युवा शाखा डीवाईएफआई और छात्र शाखा एसएफआई ने शुक्रवार शाम को तिरुवनंतपुरम सहित कई जगहों पर ये विरोध प्रदर्शन किए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म केरल की सेकुलर छवि को खराब करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने की कोशिश है. वे दावा करते हैं कि फिल्म में दिखाए गए जबरन धर्मांतरण या बीफ खिलाने जैसे घटनाक्रम केरल में नहीं होते. यह सब झूठ और प्रचार पर आधारित है.
फिल्म कमाख्या नारायण सिंह द्वारा निर्देशित है और 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है. ट्रेलर में जबरन धर्म परिवर्तन की कहानी दिखाई गई है, जिसमें बीफ से जुड़ा विवादास्पद सीन है. यह दृश्य केरल की खास बीफ-परोट्टा संस्कृति को ध्यान में रखते हुए लोगों ने मजाक उड़ाया है. सोशल मीडिया पर मीम्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां लोग कह रहे हैं कि केरल में बीफ सबके बीच लोकप्रिय है, कोई जबरदस्ती नहीं होती.
मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने फिल्म की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि फिल्म राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने और सेकुलर परंपरा को कमजोर करने के इरादे से बनाई गई है. उन्होंने कहा, "केरल धार्मिक सद्भाव, सतत विकास और कानून-व्यवस्था का मॉडल है. हमें ऐसे झूठे प्रचार को सामूहिक रूप से अस्वीकार करना चाहिए." कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी फिल्म को "झूठी कहानियां गढ़कर केरल को अपमानित करने" वाला बताया.
उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पहले हिस्से को राष्ट्रीय पुरस्कार देकर ऐसी फिल्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है. बीजेपी ने पलटवार किया. पार्टी के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाया और अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला दिया.
वहीं आईयूएमएल की छात्र इकाई एमएसएफ ने फिल्म का बहिष्कार करने की अपील की, लेकिन एसएफआई के बीफ फेस्ट का विरोध किया. उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है. केरल पर्यटन विभाग ने भी मजाकिया अंदाज में "No Beef With Anyone" पोस्टर शेयर कर विवाद पर चुटकी ली, जो वायरल हो गया।. यह विवाद फिल्म की रिलीज से पहले राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस का कारण बन गया है. केरल की सेकुलर छवि और सांस्कृतिक एकता पर सवाल उठ रहे हैं. लोग फिल्म को प्रचार का हथियार मान रहे हैं.