TCS यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण केस: नासिक यूनिट पर लटका ताला, कर्मचारियों को कैंपस न आने का निर्देश
देश की प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस ने नासिक स्थित अपने बीपीओ यूनिट में सभी ऑपरेशंस अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं. यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों के बाद कंपनी ने कर्मचारियों को कैंपस न आने का निर्देश दिया है.
नासिक: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने नासिक यूनिट में अचानक ऑपरेशंस सस्पेंड कर दिए हैं. कंपनी ने सभी कर्मचारियों को सूचना दी है कि वे फिलहाल कैंपस में न आएं. यह फैसला यूनिट में लगे गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है, जिसमें महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन की शिकायतें शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक, 2022 से चल रही इस घटना की जांच अब एसआईटी कर रही है.
टीसीएस प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाए. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यौन उत्पीड़न पर उनकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है. आरोपियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है और पुलिस को हर संभव मदद दी जा रही है. इस घटना से हजारों कर्मचारियों के काम पर असर पड़ा है. कंपनी अन्य यूनिट्स में शिफ्टिंग या वर्क फ्रॉम होम के विकल्प पर विचार कर रही है.
गंभीर आरोप और गिरफ्तारियां
पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक एचआर मैनेजर भी शामिल है.कुल नौ FIR दर्ज की गई हैं. आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने महिला कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना दी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया.
मास्टरमाइंड कौन?
पुलिस सूत्रों के अनुसार तौसिफ अत्तार और निदा खान को इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है. 2022 से लगातार शिकायतें एचआर विभाग में आ रही थीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया.
कंपनी की प्रतिक्रिया
टीसीएस ने कहा कि जांच पूरी होने तक आरोपियों को सस्पेंड रखा जाएगा. कंपनी पुलिस के साथ मिलकर बैंक अकाउंट्स, सीसीटीवी फुटेज और ईमेल्स की जांच में सहयोग कर रही है.
कर्मचारियों पर क्या असर?
यूनिट में हजारों कर्मचारी कार्यरत थे.ऑपरेशंस बंद होने से काम प्रभावित हुआ है. कंपनी ने कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
जांच में क्या-क्या शामिल?
एसआईटी 70 से ज्यादा इंटरनल ईमेल्स, सीसीटीवी और अन्य सबूतों की जांच कर रही है. पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है.
8 महिलाओं ने की थी शिकायत
इस पूरे कांड का भंडाफोड़ तब हुआ जब 8 महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर्स पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. उनका कहना था कि एचआर विभाग उनकी शिकायतों को लगातार अनसुना कर रहा था. इसके बाद SIT का गठन हुआ और पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए शफी शेख, आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
अब पुलिस इन गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के इस संगठित रैकेट के पीछे कोई अवैध फंडिंग तो नहीं आ रही थी. फिलहाल फरार एचआर मैनेजर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
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