नासिक में बड़ा खुलासा: टीसीएस कैंपस से चला कथित धर्मांतरण नेटवर्क, गुप्त जांच में चौंकाने वाले सबूत!
टीसीएस के नासिक केंद्र में कथित धर्मांतरण मामले की जांच तेज हो गई है. अंडरकवर पुलिस कार्रवाई, डिजिटल चैट और विदेशी कनेक्शन के संकेत से बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है.
महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के बीपीओ केंद्र में सामने आए कथित धर्मांतरण मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है. फरवरी में मिली एक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने अंडरकवर महिला कर्मियों को तैनात कर जांच शुरू की. जांच के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य, पीड़ितों के बयान और एक संदिग्ध विदेशी संपर्क सामने आया है. इन तथ्यों के आधार पर अधिकारियों को शक है कि यह मामला एक बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है.
गुप्त कार्रवाई से खुला मामला
फरवरी में मिली सूचना के बाद पुलिस ने बिना किसी शोर-शराबे के जांच शुरू की. चार महिला कांस्टेबल्स को सफाई कर्मी बनाकर केंद्र के भीतर भेजा गया, ताकि वे अंदर की गतिविधियों को करीब से समझ सकें. इन महिला कर्मियों ने कर्मचारियों के व्यवहार, बातचीत और समूह गतिविधियों पर नजर रखी. धीरे-धीरे जो जानकारी सामने आई, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया. यह गुप्त अभियान ही वह कड़ी साबित हुआ, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को उजागर किया.
डिजिटल साक्ष्य बने अहम आधार
जांच के दौरान मिले डिजिटल प्रमाण इस केस की रीढ़ बन गए हैं. कई मोबाइल चैट समूहों में कर्मचारियों के बारे में चर्चा और कुछ लोगों को निशाना बनाने की बात सामने आई है. कुछ संदेशों को मिटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी मदद से उन्हें वापस हासिल किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि यह गतिविधियां किस स्तर तक फैली थीं और इसमें कितने लोग शामिल थे.
विदेशी संपर्क की पड़ताल
जांच में एक ऐसे व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसका संबंध मलेशिया से बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि वह वीडियो कॉल के जरिए लोगों से जुड़ता था और उन्हें बेहतर जीवन के सपने दिखाता था. फिलहाल उसकी पहचान और भूमिका की जांच जारी है. यदि यह कड़ी पूरी तरह साबित होती है, तो यह मामला केवल स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का बन सकता है, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है.
फरार आरोपी और बढ़ती जांच
इस मामले में अब तक कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और कई पीड़ितों के बयान भी लिए गए हैं. आरोपों में मानसिक दबाव, अनुचित व्यवहार और धार्मिक प्रभाव डालने जैसी बातें शामिल हैं. इस बीच एचआर प्रबंधक निदा खान फरार बताई जा रही हैं और उनकी तलाश जारी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस पूरे मामले की परतें और खुलेंगी.
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