मिडिल ईस्ट जंग के बीच ईरानी चक्रव्यूह को भेदकर सऊदी से मुंबई कैसे पहुंचा तेल टैंकर?

खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव के बीच सऊदी से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक तेल टैंकर सुरक्षित मुंबई पहुंच गया. जहाज ने खतरे वाले हिस्से में पहचान प्रणाली बंद कर रास्ता पार किया.

Anuj

नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण फारस की खाड़ी का रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इन दिनों बेहद संवेदनशील बना हुआ है. इसी बीच भारत के लिए राहत की खबर तब आई जब सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहा एक बड़ा टैंकर सुरक्षित मुंबई पहुंच गया.

इस जहाज ने खतरनाक समुद्री क्षेत्र से गुजरते समय कुछ देर के लिए अपनी पहचान प्रणाली बंद कर दी थी. इसके बावजूद चालक दल ने सावधानी से सफर पूरा किया.

तनाव के बीच सुरक्षित पहुंचा टैंकर

लाइबेरिया के झंडे वाला शेनलोंग नाम का सुएजमैक्स तेल टैंकर बुधवार शाम मुंबई पोर्ट पहुंचा. यह जहाज सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था. हाल के दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से कई जहाज इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं. ऐसे हालात में इस टैंकर का सुरक्षित पहुंचना अहम माना जा रहा है.

सुशांत सिंह संधू ने किया नेतृत्व

जहाज ने 1 मार्च को सऊदी अरब के रस तनुरा बंदरगाह से करीब 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लादा था. दो दिन बाद यह भारत के लिए रवाना हुआ. जहाज का नेतृत्व भारतीय कप्तान सुशांत सिंह संधू कर रहे थे. इस टैंकर पर कुल 29 सदस्यीय चालक दल मौजूद है, जिनमें भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस के नाविक शामिल हैं.

खतरनाक हिस्से में बंद किया ट्रैकिंग सिस्टम

समुद्री निगरानी के आंकड़ों के अनुसार, 8 मार्च को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के भीतर जहाज का आखिरी सिग्नल मिला. इसके बाद जहाज कुछ समय के लिए ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया. माना जा रहा है कि चालक दल ने जानबूझकर जहाज का ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी एआईएस बंद कर दिया था. अगले दिन यह फिर से निगरानी प्रणाली में दिखाई दिया.

अधिकारियों ने क्या बताया?

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार, जहाज जवाहर द्वीप टर्मिनल पर खड़ा किया गया है. यहां से तेल को उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यह कच्चा तेल पूर्वी मुंबई के माहुल इलाके में स्थित रिफाइनरियों को भेजा जाएगा. अधिकारियों का अनुमान है कि पूरे कार्गो को उतारने में लगभग 36 घंटे लग सकते हैं.

समुद्री मार्ग पर बढ़ा खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से रोजाना 2 करोड़ बैरल से अधिक तेल गुजरता है. हाल ही में एक थाई मालवाहक जहाज पर भी हमला हुआ था, जिससे उसमें आग लग गई. इस घटना के बाद कई जहाजों ने रास्ता बदल दिया या बाहर इंतजार करना शुरू कर दिया. इसी वजह से समुद्री यातायात काफी धीमा पड़ गया है.