स्वाति मालीवाल vs बिभव कुमार में क्या है हरभजन सिंह कनेक्शन? क्या यहीं से शुरू हुई लड़ाई
Swati Maliwal VS Bibhav Kumar: दिल्ली में स्वाति मालीवाल vs बिभव कुमार की लड़ाई की चर्चाओं के बीच इसका हरभजन सिंह कनेक्शन सामने आ रहा है. आइये जानें की आखिर ये लड़ाई शुरू कहां से हुई और इससे हरभजन सिंह का क्या कनेक्शन है.
Swati Maliwal VS Bibhav Kumar: अरविंद केजरीवाल के जेल जाने बाहर आने के बीच उनकी पार्टी में काफी कुछ बदल गया. इसी कारण जैसे ही वो जेल से बाहर आए पार्टी नेताओं की लड़ाई खुलकर सामने आ गई. वो जैसे ही जेल गए दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद ने इस्तीफा दिया. अब स्वाति मालीवाल vs बिभव कुमार की लड़ाई छिड़ी हुई है. इस बीच इस पूरे मामले में हरभजन सिंह के कनेक्शन की चर्चा भी हो रही है.
हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल दोनों ही राज्यसभा सांसद है. स्वाति दिल्ली तो हरभजन पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं. सूत्रों की मानें तो यही राज्यसभा का विवाद स्वाति और अरविंद केजरीवाल के बीच अनबन का कारण है और इसी के चलते बिभव कुमार का विवाद पैदा हुआ है. आइये जानें कैसे?
कैसे आया हरभजन का नाम
अरविंद केजरीवाल के जेल गए. उसके कुछ दिनों बाद दिल्ली के मंत्री राजकुमार आनंद ने इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पार्टी में लोकतंत्र न होने का आरोप लगाया था. इसके बाद से सोशल मीडिया पर पंजाब से राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह के पार्टी से नाता तोड़ने की चर्चाएं होने लगी थी.
क्या चाहते थे केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने जेल से निकलकर अपने पहले संबोधन में इशारा किया था कि वो पार्टी लाइन से इतर जाने वालों की छुट्टी कर सकते हैं. उन्होंने कहा था ' हमें पता चल गया है कि संकट में किसने साथ दिया और किसने धोखा.' इस इशारे को राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह से जोड़कर देखा जा रहा था.
सूत्रों की मानें तो अरविंद केजरीवाल ने एक नेता के जरिए स्वाति मालीवाल इस्तीफा देने के लिए कहा था. उनका कहना था कि वो उन्हें हरभजन सिंह की खाली होने वाली राज्यसभा सीट उम्मीदवार बनाएंगे.
स्वाति मालीवाल vs बिभव कुमार
केजरीवाल का संदेश मिलने के बाद स्वाति मालीवाल उनसे मिलने के बाद सीएम हाउस पहुंची थी. इसी दौरान उनकी और बिभव कुमार की बहस हो गई और मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया.
हरभजन सिंह का अंदेशा क्यों ?
अयोध्या में रामलला की स्थापना के बाद आम आदमी पार्टी को ओर से कोई अयोध्या नहीं गया था. हालांकि, पार्टी लाइन से इतर हरभजन सिंह अयोध्या गए और रामलला का दर्शन किए. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी. तभी से माना जा रहा था कि वो पार्टी में सहज नहीं है.