Supriya Sule: क्या है 'ICE' जिसे सुप्रिया सुले ने बताया विपक्षी नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की वजह
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और इंडिया गठबंधन में फूट के मद्देनजर इंडिया गंठबंधन की चुनावी संभावनाओं के सवाल पर सुले ने कहा, 'लोकतंत्र की हत्या हुई है.'
Supriya Sule: राजनीति में अब विचारधारा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. अब हर नेता अवसरवादी हो गया है. यही वजह है कि मोदी लहर को देखते हुए लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल होने वाले विपक्षी दलों के नेताओं की बाढ़ सी आ गई है. हालांकि महाराष्ट्र की नेता और तीन बार की सांसद सुप्रिया सुले ने इसके पीछे अवसरवादिता या बीजेपी की विचारधारा का पसंद आना नहीं बल्कि डर को इसका कारण बताया है.
'ICE के कारण बीजेपी में शामिल हो रहे विपक्षी नेता'
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता इस वजह से बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे कि वे उसकी विचारधारा पसंद करते हैं बल्कि वे ICE- इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी की वजह से ऐसा कर रहे हैं.
बारामती से दावेदारी पेश करने को तैयार सुप्रिया
दिग्गज राजनेता शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले एक बार फिर से बारामती संसदीय क्षेत्र से दावेदारी पेश करने को तैयार हैं. वह साल 2009 ने से इस सीट का प्रतिनिधित्व करती आ रही हैं. बारामती सीट को पवार परिवार का गढ़ माना जाता है. साल 1996 से 2009 तक इस सीट पर शरद पवार का कब्जा रहा था.
इस बार सुप्रिया के लिए आसान नहीं होगी जीत
हालांकि इस बार स्थिति पहले से अलग है. शरद पवार की एनसीपी दो धड़ों में बंट चुकी है एक धड़ा खुद शरद पवार का है और दूसरे पर उनके भतीजे अजित पवार का कब्जा है जो बीजेपी और शिवसेना के साथ गठबंधन कर इस समय सत्ता में बैठे हैं. सुप्रिया सुले इस बार एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की ओर से लड़ेंगी.
इस बार बारामती पर पवार बनाम पवार
इस बार बारामती सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है. अजित पवार की पत्नी और पर्यावरण कार्यकर्ता सुनेत्रा पवार, सुप्रिया सुले को चुनौती दे सकती हैं. जब सुप्रिया सुले से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि मेरे खिलाफ कौन लड़ेगा क्योंकि अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी घोषित नहीं हुआ है.'
'लोकतंत्र की हत्या हुई है'
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और इंडिया गठबंधन में फूट के मद्देनजर इंडिया गंठबंधन की चुनावी संभावनाओं के सवाल पर सुले ने कहा, 'लोकतंत्र की हत्या हुई है. जो लोग बीजेपी में गए वो प्यार से नहीं गए बल्कि ICE- इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी के कारण गए हैं. बीजेपी अशोक चव्हाण के पीछे पड़ गई थी और अब उन्हें कब्जे में ले लिया. बीजेपी इसी तरह पार्टियों को तोड़ रही है. यह राजनीति नहीं लोकतंत्र की हत्या है.'
बता दें कि भ्रष्टाचार के आरोपों पर इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने पिछले महीने बीजेपी की सदस्यता ले ली थी.
'क्या इस बार बारामती में मिलेगी जीत'
क्या आप इस बार बारामती में जीत को लेकर आश्वसत हैं? सवाल पर सुले ने कहा, 'मेरा काम जनता के सामने है और मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है.'