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'बिकने को तैयार हैं MLA, लेकिन खरीदेंगे नहीं': NC विधायकों को लेकर BJP नेता सुनील शर्मा का बड़ा दावा

जम्मू-कश्मीर में 20 जुलाई को होने वाली भाजपा की रैली से पहले नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा के बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. उन्होंने सरकार, विधायकों और प्रदेश की मौजूदा राजनीति को लेकर कई बड़े दावे किए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. 20 जुलाई को प्रस्तावित भाजपा की रैली से पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा के बयानों ने राजनीतिक माहौल को नई दिशा दे दी है. उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार पर तीखे आरोप लगाए और दावा किया कि भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए किसी तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ नहीं करेगी. साथ ही उन्होंने प्रदेश के कई अहम मुद्दों पर पार्टी का रुख भी स्पष्ट किया.

सुनील शर्मा ने कहा कि 20 जुलाई का दिन जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण साबित होगा. उनके अनुसार भाजपा की रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि प्रदेश के लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाने का मंच बनेगी. उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है.

विधायकों को लेकर दिया विवादित बयान

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ विधायक खुद बिकने के लिए तैयार हैं, लेकिन भाजपा उन्हें अपने साथ लेने की इच्छुक नहीं है. उन्होंने दोहराया कि पार्टी किसी भी सरकार को तोड़कर सत्ता में आने के पक्ष में नहीं है. उनका कहना था कि भाजपा जब भी सरकार बनाएगी, वह केवल जनता के स्पष्ट जनादेश के आधार पर ही बनाएगी.


सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप

सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की मौजूदा सरकार युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है. उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के नाम पर पक्षपात किया जा रहा है और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है. उनका यह भी आरोप था कि पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रखा पार्टी का पक्ष

भाजपा नेता ने कहा कि अनुच्छेद 370 की वापसी अब संभव नहीं है और 35A का मुद्दा भी समाप्त हो चुका है. उन्होंने दावा किया कि जिन विषयों पर भाजपा पहले से अपना रुख रखती रही, समय के साथ सरकार ने भी वही दिशा अपनाई. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कोई राजनीतिक कैदी नहीं है और कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है.

रैली पर टिकी रहेंगी राजनीतिक नजरें

20 जुलाई की रैली को लेकर अब प्रदेश की राजनीति में उत्सुकता बढ़ गई है. भाजपा इसे जनहित के मुद्दों को सामने रखने का बड़ा अभियान बता रही है, जबकि राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर रहेगी कि इस कार्यक्रम का आगामी राजनीतिक समीकरणों और प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है.