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अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हमला, अस्पताल में भर्ती

सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे में हमला हुआ, जिसमें अकाली दल अध्यक्ष घायल हो गए. घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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Edited By: Reepu Kumari
अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हमला, अस्पताल में भर्ती
Courtesy: Pinterest

नांदेड़: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक गुरुद्वारे में हमला किया गया, जिसमें वह घायल हो गए. हमले के बाद बादल को अस्पताल ले जाया गया. यह हमला उस समय हुआ जब पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री (MoS) बादल, तख्त सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब गुरुद्वारा बोर्ड का दौरा करने के लिए नांदेड़ में थे. खबर एजेंसी एएनआई की मानें तो मामले की जांच हो रही है.

गुरुद्वारे के भीतर निहंग ने किया हमला

खबर एजेंसी एएनआई की मानें तो नांदेड़ गुरुद्वारे के भीतर दौरे के दौरान एक निहंग ने अचानक सुखबीर सिंह बादल पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके हाथ में चोट आई, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला. घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गुरुद्वारा परिसर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. उनका एक वीडियो भी सामने आया है. 

सुरक्षाकर्मी घायल, हमलावर गिरफ्तार

बादल के अलावा, उनकी सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे नाम का एक सुरक्षाकर्मी भी हमले में घायल हो गया. हालांकि, सुरक्षाकर्मी की चोटों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है. हमलावर कौन था, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. जांच के बाद पुलिस इस मामले में और अधिक जानकारी देगी.

बादल पर दूसरा हमला

लगभग तीन वर्षों में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री पर यह दूसरा हमला है. दिसंबर 2024 में, बादल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर थे. हमलावर की पहचान नारायण सिंह चुआरा के रूप में हुई, जो डेराबाबा का निवासी और दल खालसा का सदस्य था. उन्हें 2013 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया था. यह हमला अकाल तख्त द्वारा बादल को 'तंखाह' की सजा सुनाए जाने के बाद हुआ, जिसमें उन्हें 2007 में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम का समर्थन करने का दोषी पाया गया था.