श्रीनगर पुलिस ने बड़े अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार

श्रीनगर पुलिस ने डाउनटाउन श्रीनगर में सक्रिय एक कथित संगठित नारकोटिक्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है.

India Daily 24x7
Shilpa Srivastava

श्रीनगर: श्रीनगर पुलिस ने डाउनटाउन श्रीनगर में सक्रिय एक कथित संगठित नारकोटिक्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित फार्मास्युटिकल ड्रग्स, नकदी, सोना, हथियार और अन्य कीमती सामान बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच अब जम्मू-कश्मीर से बाहर तक पहुंच गई है और कथित ड्रग सप्लाई चेन के तार चंडीगढ़, पंचकूला और अंबाला तक जुड़े पाए गए हैं.

मामले में सफाकदल पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 135/2026 दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट और BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए SSP श्रीनगर डॉ. जी.वी. संदीप चक्रवर्ती ने कहा कि जांच के दौरान सामने आया है कि यह कोई अकेला ड्रग-पेडलिंग का मामला नहीं था, बल्कि कथित तौर पर एक संगठित सप्लाई सिस्टम के जरिए नशीली दवाओं की खरीद, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज, वितरण और पैसों के लेन-देन का नेटवर्क चलाया जा रहा था.

2.19 लाख से ज्यादा टैबलेट और कैप्सूल बरामद:

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान अब तक 2,19,425 टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए हैं. इनमें करीब 2,18,500 टैपेंटाडोल युक्त टैबलेट, 414 ट्रामाडोल युक्त टैबलेट/कैप्सूल और 1,200 प्रेगाबालिन कैप्सूल शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस ने करीब 3.830 किलोग्राम कोडीन और लगभग 40 ग्राम हेरोइन जैसी सामग्री भी बरामद करने का दावा किया है.


पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल ड्रग्स कथित तौर पर कहां से खरीदी गईं, इन्हें जम्मू-कश्मीर तक कैसे पहुंचाया गया और श्रीनगर में इनके स्टोरेज तथा आगे वितरण का नेटवर्क किस तरह काम करता था.

85.76 लाख रुपये नकद बरामद:

पुलिस ने जांच के दौरान करीब 85.76 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस अब इस रकम के स्रोत और कथित ड्रग कारोबार से इसके संभावित संबंधों की जांच कर रही है. इसके साथ ही आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, लॉकरों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों की भी जांच की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक, विभिन्न बैंक खातों में मौजूद करीब 1.07 करोड़ रुपये को कानून के तहत फ्रीज/सीज किया गया है. जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े मनी ट्रेल को सामने लाना भी है.

करोड़ों की संपत्ति और सोना जांच के दायरे में:

जांच के दौरान पुलिस ने 108 सोने के सिक्के और अन्य सोने के सामान भी बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार, एक बरामदगी में सोने और अन्य आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपये है. इसके अलावा करीब 17 ग्राम MMTC-PAMP/ज्वेलरी भी बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है.

जांच के दौरान पुलिस ने दो Rolex घड़ियां, Christian Dior का एक लेडीज बैग, DSLR कैमरा और लेंस तथा iPhone 16 Pro Max समेत अन्य कीमती सामान भी बरामद किया है. पुलिस इन संपत्तियों और सामान के स्रोत तथा कथित नशीले पदार्थों के कारोबार से इनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है.

बैंक लॉकरों की तलाशी में भी बड़ी बरामदगी:

वित्तीय जांच के तहत पुलिस ने अदालत से आवश्यक अनुमति लेने के बाद आरोपी मोहम्मद वसीम जरगर के नाम पर Axis Bank, बेमिना में मौजूद दो बैंक लॉकरों की तलाशी ली. पुलिस के अनुसार, इन लॉकरों से बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा सोने के सिक्के, गोल्ड बिस्किट और अन्य सोने के सामान बरामद किए गए.

पुलिस ने इन लॉकरों से बरामद नकदी और सोने समेत अन्य सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.20 करोड़ रुपये बताई है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन संपत्तियों और नकदी का स्रोत क्या था और क्या इनका कथित नारकोटिक्स कारोबार से कोई संबंध है.

पिस्तौल और खंजर भी बरामद:

ड्रग नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस ने एक .32 कैलिबर पिस्तौल और दो खाली मैगजीन भी बरामद की हैं. इसके अलावा एक खंजर भी जब्त किया गया है. पुलिस ने हथियार की बरामदगी को लेकर आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं भी लगाई हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से आया और कथित नेटवर्क में इसकी क्या भूमिका थी.

पुलिस ने दो वाहनों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की है. इनमें Maruti Brezza नंबर JK01AK-7523 और Suzuki Ertiga नंबर JK01AX-4601 शामिल हैं.

चंडीगढ़, पंचकूला और अंबाला तक पहुंची जांच:

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रीनगर पुलिस ने कथित ड्रग सप्लाई चेन की बैकवर्ड लिंकिंग करते हुए जांच को जम्मू-कश्मीर से बाहर तक पहुंचाया है. SSP श्रीनगर के मुताबिक, पुलिस की टीमें चंडीगढ़, पंचकूला और अंबाला तक गईं और वहां फार्मास्युटिकल प्रतिष्ठानों तथा ट्रांसपोर्ट एजेंसियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की.

जांच के दौरान पुलिस ने इनवॉयस, बिल, Goods Receipts और अन्य दस्तावेज हासिल किए हैं. पुलिस अब संबंधित संस्थानों के ड्रग लाइसेंस, खरीदारों की जानकारी, बिलिंग, भुगतान और अन्य रिकॉर्ड में कथित विसंगतियों की जांच कर रही है. इस जांच में संबंधित नियामक अधिकारियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है. SSP ने बताया कि पंजाब पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भी जांच में सहयोग किया है.

अब नेटवर्क की फॉरवर्ड लिंकिंग पर फोकस:

पुलिस ने जहां कथित सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड लिंक की जांच की है, वहीं अब जांच का फोकस फॉरवर्ड लिंकिंग पर है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जम्मू-कश्मीर पहुंचने के बाद इन दवाओं को कहां स्टोर किया जाता था, इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था, कौन इनके डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल था और अंतिम रूप से इनका इस्तेमाल या बिक्री किन लोगों तक होती थी.

जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क में ट्रांसपोर्टरों, स्टोरेज प्वाइंट्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और वित्तीय मदद पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं. पुलिस ने जांच के दौरान बरामद किए गए डिजिटल डिवाइस की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच भी शुरू कर दी है. इन डिवाइस के जरिए आरोपियों के बीच हुई बातचीत, कथित ड्रग खरीद, सप्लाई रूट, ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रीब्यूशन और पैसों के लेन-देन से जुड़े लिंक सामने आने की उम्मीद है.

आठ आरोपी गिरफ्तार:

पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों की पहचान मोहम्मद वसीम जरगर निवासी पाटलीपोरा, छत्ताबल; हारिस हमीद मल्ला निवासी गुजारबल, छत्ताबल; आकिब सलीम डार निवासी रामपोरा, छत्ताबल; इनाम अहमद जरगर निवासी हफ्तियार, सफा कदल; साहिब अहमद गनई निवासी दानामजार, सफा कदल; अंसार हुसैन भट निवासी जाबर मोहल्ला, बडगाम; पीर शकूर निवासी पालपोरा, नूरबाग; और हारून पंडित निवासी गुजारबल, छत्ताबल के रूप में हुई है.

पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपियों की कथित नेटवर्क में अलग-अलग भूमिका थी और जांच के दौरान प्रत्येक की भूमिका को पूछताछ तथा अन्य सबूतों के आधार पर स्थापित किया जा रहा है.

बेंगलुरु से पकड़ा गया आरोपी:

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हारिस हमीद मल्ला को तकनीकी सर्विलांस के जरिए ट्रैक किया गया और उसे बेंगलुरु, कर्नाटक से गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी इस मामले में सामने आए अंतरराज्यीय लिंक को भी दर्शाती है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के बाहर मौजूद अन्य लोगों के साथ किस तरह संपर्क में थे और ड्रग सप्लाई से जुड़े लेन-देन किस तरीके से किए जाते थे.

कई आरोपी अभी फरार:

पुलिस ने मामले में कुछ अन्य लोगों की भी पहचान की है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक माजम फिरदौस खांडे, फरजान पल्लवाला और मोहम्मद शरवर निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश समेत कुछ अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान होने तथा आगे गिरफ्तारियां होने की संभावना है.

पूरे नारकोटिक्स इकोसिस्टम को तोड़ने पर फोकस:

SSP श्रीनगर ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य सिर्फ ड्रग्स बरामद करना या कुछ लोगों को गिरफ्तार करना नहीं है, बल्कि कथित पूरे नारकोटिक्स इकोसिस्टम को सामने लाना है. पुलिस अब कथित सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, स्टोरेज ऑपरेटर, डिस्ट्रीब्यूटर, फाइनेंसर और अन्य मददगारों की भूमिका की जांच कर रही है.

जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस पूछताछ, तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल फॉरेंसिक, बैंक रिकॉर्ड और दूसरे दस्तावेजी सबूतों को जोड़कर कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी है. पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि अगर जांच के दौरान किसी संपत्ति या वित्तीय परिसंपत्ति का कथित ड्रग कारोबार से संबंध स्थापित होता है तो कानून के तहत उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.

मामले की जांच अभी जारी:

श्रीनगर पुलिस के मुताबिक, यह जांच अभी सक्रिय और सबूतों पर आधारित है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां, बरामदगी और संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. जांच एजेंसियां फिलहाल बरामद डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड, लॉकर से मिले सामान, ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों और अन्य सबूतों का विश्लेषण कर रही हैं.

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर इतनी बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल ड्रग्स का स्रोत क्या था, इन्हें जम्मू-कश्मीर तक किस रास्ते से लाया गया, श्रीनगर में कहां रखा गया और इसके बाद इनके वितरण का नेटवर्क किस तरह संचालित किया गया. चंडीगढ़, पंजाब और अन्य स्थानों तक जांच पहुंचने के बाद पुलिस संबंधित फार्मास्युटिकल प्रतिष्ठानों और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.

SSP श्रीनगर ने कहा कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक लिंक को सबूतों के आधार पर खंगाला जाएगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. श्रीनगर पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और आगे की सभी गिरफ्तारियां, बरामदगी तथा संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी.