सोनम वांगचुक ने तोड़ी भूख हड़ताल, CJP की जेपी नड्डा से बातचीत के बाद लिया फैसला
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. पार्टी ने इसे सरकार की सकारात्मक पहल का परिणाम बताया.
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी. सरकार के साथ संवाद शुरू होने को इस फैसले की प्रमुख वजह बताया गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया. आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसे बातचीत की दिशा में सकारात्मक कदम बताया.
सरकार से बातचीत के बाद बदला रुख
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे. उनके साथ कई समर्थक और छात्र संगठन के सदस्य भी आंदोलन में शामिल थे. सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और CJP प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई. पार्टी नेताओं ने बताया कि सरकार के साथ संवाद शुरू होने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया. उनका कहना है कि अब आगे की प्रक्रिया बातचीत के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी.
पत्नी ने पहले ही दिए थे संकेत
रविवार को सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने संकेत दिया था कि यदि राजनीतिक दल संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और जवाबदेही का भरोसा देते हैं, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है.
जेपी नड्डा ने साझा की बैठक की जानकारी
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पहली बार औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव आया. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई और बाद में उन्हें लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया. सरकार ने प्रतिनिधियों की बात विस्तार से सुनी और संबंधित मुद्दों पर उचित स्तर पर विचार करने का भरोसा दिया. हालांकि, किसी मांग पर तत्काल निर्णय की घोषणा नहीं की गई.
CJP ने रखीं अपनी प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं. इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और सोनम वांगचुक की रिहाई से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए. इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और AISA के तीन सदस्यों ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया था. अभिनेत्री शबाना आज़मी, राज्यसभा सांसद मनोज झा और अभिनेता प्रकाश राज ने आंदोलनकारियों को तरल पदार्थ पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया.