Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

किसी ने पिता की सर्जरी छोड़ी, तो कोई दूर गांव से देने पहुंचा एग्जाम, NEET PG परीक्षा रद्द होने से छात्र हताश

NEET-PG परीक्षा स्थगित होने से छात्र हताश हैं. कई छात्रों का कहना है कि एग्जाम रद्द करने की कोई वजह नहीं थी. इस फैसले से हमें परेशानी हुई. 23 जून को होने वाली NEET-PG परीक्षा स्थगित कर दी गई है. ये फैसले ऐसे समय में लिया गया जब NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे हैं.

Social Media
India Daily Live

NTA के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को शनिवार को पद से हटाए जाने के बाद अब ताजा अपडेट सामने आया है. 23 जून को होने वाली NEET-PG परीक्षा स्थगित कर दी गई है. इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार दी. मंत्रालय के अनुसार, परीक्षा की नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी. ये मेडिकल के छात्रों के लिए किसी सदमे से कम नहीं था. ये फैसले ऐसे समय में लिया गया जब NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे हैं. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल छात्रों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित NEET-PG परीक्षा की प्रक्रियाओं की मजबूती का गहन मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है. दरअसल, यह अहम फैसले NEET-UG परिणाम और UCG-NET परीक्षा रद्द होने को लेकर चल रहे विवाद के बीच लिया गया है. इस निर्णय की NEET PG उम्मीदवारों द्वारा कड़ी आलोचना की जा रही है, जिनमें से कई को परीक्षा देने के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ी. 

परीक्षा रद्द करने का कोई कारण नहीं

एक छात्र ने बताया कि मैं इस परीक्षा में बैठने के लिए दिल्ली से मेरठ आया था और होटल में रिवीजन कर रहा था. इस परीक्षा को रद्द करने का कोई कारण नहीं है, और इसे समय पर आयोजित किया जाना चाहिए था. कुछ उम्मीदवारों को अपनी मेडिकल नौकरी फिर से शुरू करनी पड़ी, या एक नई नौकरी ज्वाइन करनी पड़ी. NBE ने हमें निराश किया. 

पिता की सर्जरी छोड़कर परीक्षा देने आया था

कुछ उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिन्हें परीक्षा देने के लिए अपने पारिवारिक आपात स्थितियों को अलग रखना पड़ा. एक छात्र ने बताया कि मैं UPPMS में काम करता हूं और मेरे पिता सर्जरी के लिए भर्ती हुए थे. मैं परीक्षा देने के लिए लखनऊ गया था. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि हम सभी UPPSC अधिकारी बहुत अधिक काम करते हैं और परीक्षा की तैयारी के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं, लेकिन फिर भी मैं इस परीक्षा में बैठने के लिए कुछ समय निकालने में कामयाब रहा. लेकिन परीक्षा का रद्द होना दुर्भाग्य है. 

फैकल्टी और मेडिकल बिरादरी ने भी की निंदा

इस फैसले से स्टूडेंट के अलावा फैकल्टी और मेडिकल बिरादरी भी हैरान है. आरडीए एम्स के उपाध्यक्ष डॉ. सुवरंकर दत्ता ने परीक्षा से एक रात पहले परीक्षा स्थगित करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार महीनों पहले से तय परीक्षा के प्रबंधन में इतनी अक्षम कैसे हो सकती है? यह निराशाजनक है. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने परीक्षा कार्यक्रम में बार-बार बदलाव पर सवाल उठाया है.