'हमें मनाने की जरूरत नहीं है', ट्रंप के दावे पर शशि थरूर का हमला, पाकिस्तान को भी लगेगी मिर्च
थरूर ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को कुछ समझाने की जरूरत पड़ी होगी. उन्होंने कहा, 'यदि अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई अनुनय-विनय की गई होती, तो वह पाकिस्तानियों को अनुनय-विनय के लिए होती. उन्हें मनाना पड़ता. हमें मनाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम युद्ध नहीं चाहते. हम विकास पर ध्यान केन्द्रित करना चाहते हैं. यही मूल संदेश है.'
विदेश में ऑपरेशन सिंदूर के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते में किसी तीसरे पक्ष की संलिप्तता से इनकार किया है. थरूर, जो इस समय ब्राजील में हैं, ने अपने प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका दौरे से पहले यह टिप्पणी की. थरूर ने कहा कि भारत को युद्ध विराम के लिए किसी अनुनय की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश कभी युद्ध नहीं चाहता. उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति पद के प्रति हमारे मन में बहुत सम्मान है और हम उसी सम्मान को ध्यान में रखते हुए बोलेंगे. लेकिन मोटे तौर पर कहें तो हमारी समझ थोड़ी अलग है... हमें रोकने के लिए किसी को मनाने की जरूरत नहीं थी. हमने पहले ही रुकने के लिए कह दिया था.'
थरूर ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को कुछ समझाने की जरूरत पड़ी होगी. उन्होंने कहा, 'यदि अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई अनुनय-विनय की गई होती, तो वह पाकिस्तानियों को अनुनय-विनय के लिए होती. उन्हें मनाना पड़ता. हमें मनाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम युद्ध नहीं चाहते. हम विकास पर ध्यान केन्द्रित करना चाहते हैं. यही मूल संदेश है.'
थरूर का हमला
इसके अलावा, थरूर ने कहा कि भारत कभी नहीं चाहता था कि संघर्ष बढ़े, लेकिन पाकिस्तान के ऐसा करने पर उसे प्रतिक्रिया देनी पड़ी. उन्होंने कहा, '.... हमने 7 मई को शुरू से ही लगातार कहा था कि हम संघर्ष को लंबा खींचने में रुचि नहीं रखते हैं. यह किसी तरह के युद्ध की शुरूआत नहीं है. यह केवल आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिशोध है. अगर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया नहीं की होती, तो हम भी प्रतिक्रिया नहीं करते...'
थरूर की यह टिप्पणी डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के जवाब में आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने चार दिनों तक चले मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम करवाया. ट्रंप दुनिया को यह खबर देने वाले पहले व्यक्ति भी थे और बाद में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी पुष्टि की.
10 मई को दोनों देश संघर्ष
हालांकि, भारत ने मध्यस्थता के दावों को सिरे से नकार दिया है और कहा है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा अपने भारतीय समकक्ष को फोन करने के बाद यह सहमति बनी है. भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान द्वारा बढ़ाए गए तनाव के बाद 10 मई को दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे.
सात टीमें
केंद्र सरकार ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन के बारे में देशों को जानकारी देने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं की सात टीमें बनाईं. इसके बाद, इस्लामाबाद ने भी यही योजना बनाई और इसकी जिम्मेदारी बिलावल भुट्टो को सौंपी.
दोनों प्रतिनिधिमंडल एक ही समय पर अमेरिका में होंगे. पाकिस्तान के इस कदम पर टिप्पणी करते हुए थरूर ने इसे दिलचस्प घटना बताया.
थरूर ने साधा निशाना
थरूर ने कहा, 'वाशिंगटन में, हम अमेरिका में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की दिलचस्प घटना देखेंगे, और लगभग बिल्कुल एक ही दिन... कल वे लगभग वाशिंगटन में होंगे, जबकि हम उसी तारीख को वाशिंगटन में होंगे. इसलिए शायद रुचि में वृद्धि होगी क्योंकि एक ही शहर में दो प्रतिद्वंद्वी प्रतिनिधिमंडल होंगे.'
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