'मेरी गट फीलिंग कहती है कि...', ईरान में बड़े विद्रोह पर शशि थरूर का बयान
उन्होंने कहा, “कुछ मायनों में यह अच्छा संकेत है कि तनाव कम हो सकता है. मेरी अंदरूनी भावना कहती है कि शायद हम एक मोड़ पर आ गए हैं.”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरान में चल रहे बड़े सरकार विरोधी आंदोलन को लेकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि हाल के कुछ संकेत यह दिखाते हैं कि वहां तनाव थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन सही हालात का आकलन करना मुश्किल है क्योंकि देश में लंबे समय से संचार सेवाएं लगभग बंद हैं.
शशि थरूर ने बताया कि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी सरकार ने पहले घोषित 800 से ज्यादा लोगों की फांसी को रद्द कर दिया है. इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वे फिलहाल ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोक कर रख रहे हैं. थरूर के अनुसार, ये दोनों बातें उम्मीद जगाने वाली हैं.
तनाव कम हो सकता है
उन्होंने कहा, “कुछ मायनों में यह अच्छा संकेत है कि तनाव कम हो सकता है. मेरी अंदरूनी भावना कहती है कि शायद हम एक मोड़ पर आ गए हैं.” हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान से पूरी और भरोसेमंद जानकारी नहीं मिल पा रही है, इसलिए किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
ईरान विरोध प्रदर्शन में हजारों लोगों की मौत
गौरतलब है कि ईरान में पिछले साल दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं. नॉर्वे स्थित एक मानवाधिकार संगठन के मुताबिक अब तक कम से कम 3,400 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है, जबकि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है. दूसरी रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 5,000 से लेकर 20,000 तक बताया जा रहा है.
प्रदर्शन की रफ्तार पड़ी धीमी
बीते कुछ दिनों में प्रदर्शन की रफ्तार धीमी पड़ी है और नए वीडियो या तस्वीरें भी कम सामने आ रही हैं. इसका एक बड़ा कारण देश में लगभग पूरी तरह इंटरनेट बंद होना बताया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में 180 घंटे से ज्यादा समय तक इंटरनेट बंद रहा, जो पहले के आंदोलनों से भी लंबा है.
हालांकि, हालात शांत दिखने के बावजूद अनिश्चितता बनी हुई है. ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने फिर से बड़े और संगठित विरोध प्रदर्शन की अपील की है. शशि थरूर का मानना है कि खाड़ी देशों समेत पूरी दुनिया इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि किसी भी बड़े टकराव का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है.