कश्मीरी पंडितों को लगातार दो धमकियों के बाद सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन, घाटी में ऑपरेशन तेज
कश्मीरी पंडितों को लगातार दो बार मिली धमकियों के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों ने आतंक के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. शोपियां और पुलवामा में संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है.
श्रीनगर: कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों को लगातार दो बार मिली धमकियों के बाद सुरक्षा बलों ने आतंक के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. दक्षिण कश्मीर से लेकर उत्तर कश्मीर तक संवेदनशील इलाकों में नाका चेकिंग, सर्च ऑपरेशन और कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन यानी CASO चलाए जा रहे हैं.
इन अभियानों के दौरान संदिग्ध आतंकी सहयोगियों की गिरफ्तारियों के साथ हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया है. शोपियां में नाका चेकिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने तीन संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया. उनके कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड, हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े पांच पोस्टर और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है.
क्या लिया गया है एक्शन?
सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ कर उनके संपर्कों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही हैं. वहीं नरवानी इलाके में 34 राष्ट्रीय राइफल्स और एसओजी इमाम साहिब की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान एक ग्रेनेड, चार मोबाइल फोन, AK-47 की दो मैगजीन और हिज्बुल मुजाहिदीन के चार पोस्टर बरामद किए गए.
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पुलवामा में कितने आतंकी सहयोगी पकड़े गए?
पुलवामा के राजपोरा इलाके में भी सुरक्षा बलों को अहम सफलता मिली. यरवन के जंगलों में पुलिस, 44 राष्ट्रीय राइफल्स और 183 बटालियन CRPF की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया. उनके पास से एक पिस्तौल, 12 राउंड और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया.
इस मामले में आर्म्स एक्ट और UAPA के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार संदिग्धों के कथित आतंकी नेटवर्क से क्या संबंध थे.
क्या-क्या हुआ बरामद?
उत्तर कश्मीर के सोपोर में भी सुरक्षा बलों ने संयुक्त CASO चलाया. मंजसीर इलाके में तलाशी के दौरान एक AK-47 राइफल, तीन मैगजीन, 72 राउंड और चार हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए. अधिकारियों के मुताबिक, जिस मकान से यह बरामदगी हुई, वह एक कश्मीरी पंडित परिवार का था, जो वर्ष 1990 में इलाके से पलायन कर गया था.
कश्मीरी पंडितों को मिली लगातार धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां संभावित आतंकी गतिविधियों को लेकर अलर्ट हैं. संवेदनशील इलाकों में नाका चेकिंग और इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन लगातार चलाए जा रहे हैं.
सुरक्षा बलों का फोकस आतंकियों और उनके सहयोगियों तक पहुंचने, हथियारों के ठिकानों का पता लगाने और संभावित हमले से पहले आतंकी नेटवर्क को निष्क्रिय करने पर है. शोपियां और पुलवामा में गिरफ्तारियों तथा नरवानी और सोपोर में हथियारों की बरामदगी के बाद सुरक्षा अभियान और तेज होने की संभावना है.